दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, दहेज प्रताड़ना में FIR के निर्देश

रायपुर, 14 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में दुर्ग जिले में आयोजित पहली जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से जुड़े 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। आयोग ने पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक और संपत्ति संबंधी मामलों में दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक समझाइश दी और कई मामलों में विधिक सहायता के साथ संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान 3 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।
जनसुनवाई में आयोग की सदस्य ओजस्वी मंडावी, दीपिका शोरी और सरला कोसरिया भी मौजूद रहीं। यह प्रदेश स्तर पर आयोग की तीसरी जनसुनवाई थी।
दहेज प्रताड़ना मामले में FIR के निर्देश
एक दहेज प्रताड़ना प्रकरण में प्रथम दृष्टया मामला उचित पाए जाने पर महिला आयोग ने महिला थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। वहीं भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में दोनों पक्षों की सहमति से बच्चे से मुलाकात की व्यवस्था तय कराई गई।
आयोग ने महिला को न्यायालय में भरण-पोषण का दावा प्रस्तुत करने की जानकारी देने के साथ आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
सखी सेंटर और कानूनी मदद की दी जानकारी
सुनवाई के दौरान कुछ मामलों में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए आयोग ने सखी सेंटर, निःशुल्क विधिक सहायता और जरूरत पड़ने पर संबंधित थानों में अपराध दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
वहीं न्यायालय में विचाराधीन मामलों में आयोग ने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया।
कलेक्टर और SSP से भी हुई चर्चा
जनसुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर चर्चा हुई।
आयोग ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ मामलों के प्रभावी और समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया।


