
रायपुर, 20 अगस्त 2026। देश में बढ़ती महंगाई के बीच शक्कर की कीमतों में तेजी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि निर्यात कुप्रबंधन, एथेनॉल नीति और जमाखोरी पर नियंत्रण की कमी के कारण शक्कर के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि कभी करीब 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाली शक्कर अब खुदरा बाजार में 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कुप्रबंधन का परिणाम बताया।
एथेनॉल नीति पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने गन्ने और चीनी के उत्पादन की वास्तविक स्थिति का आकलन किए बिना गन्ने के बड़े हिस्से को एथेनॉल निर्माण की ओर मोड़ दिया। उनके मुताबिक, खाद्य जरूरतों की तुलना में ईंधन उद्योग को प्राथमिकता देने से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चीनी के निर्यात की अनुमति भी पर्याप्त घरेलू स्टॉक सुनिश्चित किए बिना दी। बाद में स्टॉक कम होने पर निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन तब तक बाजार में कीमतों पर असर पड़ चुका था।
जमाखोरी और सट्टेबाजी पर कार्रवाई की मांग
कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बड़े जमाखोरों और सट्टेबाजों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से शक्कर की कीमतों में कृत्रिम उछाल आया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण देश में चीनी का स्टॉक लंबे समय के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में शक्कर महंगी होने का सीधा असर मिठाई कारोबार से लेकर आम परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है।
कीमतें नहीं घटीं तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से चीनी पर आयात शुल्क हटाने, जमाखोरी पर रोक लगाने और एथेनॉल के लिए चीनी के डायवर्जन को नियंत्रित करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम उठाकर शक्कर की कीमतों को नियंत्रित नहीं किया, तो कांग्रेस जनता के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।



