नवा रायपुर में ₹119 करोड़ की आवासीय परियोजना का शुभारंभ
348 घर बनेंगे; 704 नए फ्लैट भी जल्द

रायपुर, 26 अगस्त 2026। नवा रायपुर अटल नगर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 भवन बनाए जाएंगे। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट भी बनाए जाएंगे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ शहर को हरित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप देने पर सरकार का विशेष जोर है। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड को केवल मकान बनाने वाली संस्था नहीं, बल्कि आधुनिक और प्रोफेशनल संगठन के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई।
मांग होगी तभी शुरू होगी नई आवासीय परियोजना
मंत्री ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में नीतिगत सुधार किए गए हैं। करीब 700 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाकर मंडल को कर्जमुक्त किया गया है। अब बिना मांग के किसी स्थान पर नई आवासीय परियोजना शुरू नहीं होगी। किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग अथवा शुरुआती तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की नीति अपनाई जाएगी। इससे बिना मांग के बनकर खाली पड़े मकानों की समस्या से बचा जा सकेगा।
गुणवत्ता पर खर्च बढ़ा तो भी पीछे नहीं हटेगा बोर्ड
ओपी चौधरी ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के अनुसार निर्माण तक सीमित रहने के बजाय जरूरत के मुताबिक बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। टाइल्स, फिटिंग्स और रंगों में भी आधुनिकता दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि बेहतर गुणवत्ता के लिए परियोजना लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के नजरिए से देखा जाना चाहिए। हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों की अपनी अलग गुणवत्ता और पहचान बननी चाहिए।
348 भवनों के बाद 704 फ्लैट का प्लान
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 की शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG और MIG श्रेणी के 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इनका बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख से 85.17 लाख रुपए तक निर्धारित किया गया है।
आगामी चरण में इसी सेक्टर में 704 फ्लैट प्रस्तावित हैं। इनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG फ्लैट शामिल होंगे। इनकी प्रस्तावित बेस कीमत 16.76 लाख से 40.47 लाख रुपए तक होगी।
RWA के जरिए कॉलोनियों के रखरखाव पर जोर
मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी RWA को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर करने पर भी जोर दिया। उन्होंने नए रहवासियों से निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने और किसी कमी की जानकारी मंडल के अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन की संभावनाएं
चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में आवास के साथ खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं का असर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री ओपी चौधरी और अन्य अतिथियों ने पीपल का पौधा लगाया। मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने में पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।



