छत्तीसगढ़

UPI पर 0.4% शुल्क! व्यापारी के नाम पर जनता की जेब काट रही सरकार : कन्हैया

रायपुर, 16 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने UPI (डिजिटल भुगतान) पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के कथित केंद्र सरकार के फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुल्क का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी लागत अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ सकती है।

कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि सरकार यदि यह दावा कर रही है कि शुल्क व्यापारियों से लिया जाएगा, तो इसका वास्तविक असर बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी वस्तु की कीमत 2000 रुपये है, तो शुल्क का भार कीमत में जुड़ने पर उपभोक्ता को अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है।

‘जनता और व्यापारियों दोनों पर पड़ेगा असर’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महंगाई के दौर में नया शुल्क आम जनता और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। उनके मुताबिक, व्यापारी अतिरिक्त लागत को अपनी जेब से वहन करने के बजाय उसे वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में शामिल कर सकते हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विदेशी क्रेडिट कार्ड कंपनियों और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के हितों को फायदा पहुंचाने के लिए छोटे-बड़े व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है।

‘डिजिटल लेनदेन पर पड़ सकता है असर’

कन्हैया अग्रवाल ने दावा किया कि UPI लेनदेन पर शुल्क बढ़ने से डिजिटल भुगतान की गति प्रभावित हो सकती है और कुछ लोग दोबारा नकद लेनदेन की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों और डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है।

शुल्क वापस लेने की मांग

कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र सरकार से UPI पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी।

नोट: शुल्क और उसके स्वरूप को लेकर कन्हैया अग्रवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को कांग्रेस नेता के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

Related Articles

Back to top button