बिहान समूह की शिकायत पर रोहिना पहुंची जांच टीम, विवाद के बीच अधूरी रह गई पड़ताल

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 1 अक्टूबर 2026। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पीआरपी सत्यवती कुर्रे के खिलाफ की गई शिकायत की जांच के लिए बुधवार को जिला स्तर पर गठित जांच टीम रोहिना स्थित रीपा भवन पहुंची। टीम ने क्लस्टर की कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शिकायतकर्ता महिलाओं से चर्चा कर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि, जांच के दौरान विवाद की स्थिति बनने के कारण पूरी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और जांच अधूरी रह गई।
महिलाओं ने जांच टीम के सामने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं ने जांच टीम के सामने पीआरपी सत्यवती कुर्रे पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं के मुताबिक, उनसे जिला स्तर के एक अधिकारी के नाम पर कथित रूप से 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें परेशान किया जाता था और क्लस्टर से बाहर करने की धमकी भी दी जाती थी।
महिलाओं ने जांच टीम के समक्ष अपने-अपने बयान रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पीआरपी और समूह की महिलाओं के बीच विवाद
जांच टीम के प्रमुख अधिकारी संजू पटेल ने बताया कि पीआरपी के खिलाफ कई आरोपों की शिकायत प्राप्त हुई है। इन्हीं शिकायतों की पड़ताल के लिए जिला स्तरीय टीम रोहिना पहुंची थी।
अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पीआरपी, समूह की अध्यक्ष-सचिव और कैडर की महिलाओं के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। इसके चलते मौके का माहौल बिगड़ गया और जांच पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि मामले की शेष जांच आगामी समय में पूरी की जाएगी।
अधूरी जांच से महिलाओं में असंतोष
जांच पूरी नहीं होने पर शिकायतकर्ता महिलाओं ने जांच प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताया। उनका कहना है कि समय के अभाव में उनकी शिकायतों पर पूरी तरह से सुनवाई नहीं हो सकी। महिलाओं ने मांग की कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच की जाए।
महिलाओं ने संबंधित दस्तावेजों और बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच रिपोर्ट तैयार करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सत्यवती कुर्रे को पीआरपी के पद से हटाने की मांग भी जांच टीम के सामने रखी।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
जिला स्तर की टीम के मौके पर पहुंचने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो पाने से शिकायतों को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। 10 लाख रुपये की कथित मांग के आरोपों के संबंध में क्या साक्ष्य या दस्तावेज सामने आते हैं और महिलाओं द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है, यह आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। शेष जांच कब पूरी होती है और जांच रिपोर्ट में शिकायतों को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है, इसका इंतजार है।



