छत्तीसगढ़

जीवित महिला को मृत बताकर निरस्त किया राशन कार्ड, अकबर ने उठाए सवाल…

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। रायपुर के सुभाष नगर निवासी साकरा बानो को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर उनका अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त किए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व खाद्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने दस्तावेजी और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर इस मामले को उठाते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और महिला का राशन कार्ड तत्काल बहाल करने की मांग की है।

मोहम्मद अकबर ने कहा कि यदि किसी जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर राशन से वंचित किया जाता है, तो यह खाद्य सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले में सत्यापन प्रक्रिया और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

दो वर्षों में 1.17 लाख से अधिक राशन कार्ड निरस्त

मोहम्मद अकबर ने लोकसभा में 22 जुलाई 2026 को दिए गए एक उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 में 57,371 और वर्ष 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए। इस तरह दोनों वर्षों में कुल 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त हुए।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्ड निरस्त करने से पहले किन मानदंडों का पालन किया गया। क्या प्रत्येक मामले में उचित जांच की गई, प्रभावित परिवारों को सूचना दी गई और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिला? उन्होंने निरस्तीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित होने से बचाने की जरूरत बताई।

प्रदेश में पीडीएस कवरेज को लेकर भी उठाया सवाल

अकबर के मुताबिक, विभागीय समीक्षा के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ में 83.33 लाख राशन कार्ड और 274.04 लाख पंजीकृत सदस्यों का उल्लेख है। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर उन्होंने प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत बताया।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। साकरा बानो का मामला राशन कार्डों के सत्यापन, निरस्तीकरण और शिकायत निवारण की प्रक्रिया की समीक्षा की जरूरत को सामने लाता है।

खाद्य मंत्री से जांच और कार्ड बहाली की मांग

मोहम्मद अकबर ने खाद्य मंत्री से साकरा बानो के मामले में तत्काल संज्ञान लेकर जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और उनका अंत्योदय राशन कार्ड बहाल करने की मांग की है।

उन्होंने निरस्त किए गए राशन कार्डों की समीक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने की भी मांग की कि किसी जीवित व्यक्ति को रिकॉर्ड में मृत दर्ज करने या अन्य त्रुटियों के कारण कोई पात्र परिवार राशन से वंचित न हो।

अकबर ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कवरेज बढ़ाने, निरस्त राशन कार्डों की पारदर्शी समीक्षा करने और प्रत्येक पात्र परिवार तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

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