राष्ट्रीय

भारत पर मंडरा रहा तूफान ‘मोंथा’ का खतरा: IMD ने जारी किया अलर्ट, इस दिन होगा लैंडफॉल…

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025। अरब सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर दो शक्तिशाली मौसमीय सिस्टम सक्रिय हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे के भीतर यह सिस्टम मिलकर ‘मोंथा’ नामक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकते हैं।

IMD के मुताबिक यह तूफान 28 अक्टूबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा सकता है। फिलहाल यह सिस्टम पोर्ट ब्लेयर से 620 किमी पश्चिम, चेन्नई से 780 किमी दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 830 किमी दक्षिण-पूर्व में सक्रिय है।

तूफान की रफ्तार होगी खतरनाक
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 27–28 अक्टूबर के बीच इसके सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म (गंभीर चक्रवाती तूफान) में बदलने की संभावना है। तटीय इलाकों के नजदीक पहुंचने पर हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।

इन राज्यों में भारी बारिश और अलर्ट
आंध्र प्रदेश: तटीय जिलों में 27 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश और तेज हवाएं।
तेलंगाना: दक्षिण और मध्य इलाकों में गरज के साथ वर्षा।
ओडिशा और छत्तीसगढ़: 28–30 अक्टूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी।
तमिलनाडु: दक्षिणी जिलों में अगले दो दिनों तक तेज वर्षा और समुद्र में ऊंची लहरें।

राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन बल (NDRF, SDRF) को अलर्ट पर रखा है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। कई तटीय जिलों में स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं।

उत्तर भारत में भी दिखेगा असर
हालांकि चक्रवात का मुख्य प्रभाव दक्षिण भारत पर रहेगा, लेकिन इसका असर उत्तर भारत तक पहुंच सकता है। दिल्ली-NCR में अगले तीन दिनों तक हवा में नमी और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 27 से 31 अक्टूबर के बीच कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पहाड़ी राज्यों का मौसम
बिहार में 29 से 31 अक्टूबर के बीच पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटे हुए अनाज और फसलों को ढककर रखें। वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

मौसम विभाग की अपील
IMD ने कहा है — “दक्षिण और पूर्वी भारत के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।” रेल और हवाई सेवाओं पर असर की भी संभावना जताई गई है।

Related Articles

Back to top button