पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट: 21 मजदूरों की मौत, 8 घायल
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जताया शोक

चेन्नई, 20 अप्रैल 2026। तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के कट्टानारपट्टी गांव में स्थित एक निजी पटाखा फैक्ट्री में रविवार शाम भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 21 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में कई महिलाएं भी शामिल हैं।
राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार, विस्फोट इतना जोरदार था कि फैक्ट्री के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए। हादसे के समय करीब 30 मजदूर अलग-अलग कमरों में काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए और बुरी तरह झुलस गए।
घर्षण और गर्मी बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पटाखों के लिए रसायनों को मिलाते समय घर्षण के कारण विस्फोट हुआ। भीषण गर्मी और लू की स्थिति ने इस खतरे को और बढ़ा दिया। धमाके के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।
शवों की पहचान मुश्किल
हादसे में कई शव बुरी तरह जल गए, जिससे उनकी पहचान करना कठिन हो गया है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
फैक्ट्री मालिक फरार
जानकारी के अनुसार, यह फैक्ट्री ‘वनजा क्रैकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ के नाम से संचालित थी, जिसके पास लाइसेंस था। हालांकि हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रविवार को अवकाश के बावजूद फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
नेताओं ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी घटना पर शोक जताते हुए राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
जांच और राहत कार्य जारी
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस, दमकल और अन्य एजेंसियां मिलकर राहत कार्य में जुटी हैं। साथ ही पीड़ितों को हरसंभव मदद देने की बात कही गई है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करता है।



