छत्तीसगढ़

दुर्ग के गुटखा कारोबारी पर GST विभाग ने ठोका 317 करोड़ का जुर्माना

दुर्ग, 14 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा बनाने और बेचने के मामले में दुर्ग निवासी कारोबारी गुरमुख जुमनानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने पिछले पांच वर्षों के कारोबार का आकलन करते हुए उस पर कुल 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी निर्धारित की है।

जांच में सामने आया है कि गुरमुख जुमनानी बीते पांच सालों से “सितार” नाम से गुटखा बनाकर राज्यभर में सप्लाई कर रहा था, जबकि तंबाकू युक्त गुटखा पूरी तरह प्रतिबंधित है। जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक यह कारोबार सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था।

विभाग ने बताया कि गोदामों के लिए किराए के एग्रीमेंट गुरमुख के पिता द्वारा कराए जाते थे। इन्हीं स्थानों पर गुटखे की पैकिंग की जाती थी और फिर बोरे भरकर इसे खुदरा दुकानों तक पहुंचाया जाता था। जांच के दौरान कई पुराने रेंट एग्रीमेंट और संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि “सितार” गुटखे की बाजार कीमत मात्र 2 रुपये प्रति पैकेट थी, लेकिन उत्पादन और बिक्री का स्तर काफी बड़ा था। गुटखा तैयार करने वाले फॉर्मूले से जुड़े दीपक पांडे के बयान के अनुसार मशीन से एक मिनट में करीब 250 पैकेट तैयार होते थे। प्रतिदिन औसतन 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाया जाता था। मजदूर महीने में केवल 18 दिन काम करते थे, फिर भी उत्पादन लगातार जारी रहता था।

जानकारी के अनुसार जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी की जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर छापा मारा था। वहां यह सामने आया कि इन इकाइयों में केवल पैकिंग का काम होता था। गुटखे का कच्चा माल गुरमुख के बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित “कोमल फूड” फैक्ट्री में तैयार किया जाता था।

बाद में जांच टीम ने कोमल फूड फैक्ट्री में भी छानबीन की, जहां वही मजदूर काम करते पाए गए जो जोरातराई और गनियारी में कार्यरत थे। इससे पूरे नेटवर्क के एक ही नियंत्रण में संचालित होने की पुष्टि हुई।

जीएसटी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध तंबाकू कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button