भारत में बढ़ेंगे गर्म दिन, CRAVIS प्लेटफॉर्म से बदलेगी प्लानिंग: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कॉरपोरेट सेक्टर को अब अपने फैसलों में जलवायु जोखिमों को शामिल करना होगा। उन्होंने Council on Energy, Environment and Water (CEEW) द्वारा विकसित एआई आधारित क्लाइमेट प्लेटफॉर्म ‘CRAVIS’ के लॉन्च के दौरान यह बात कही।
इस प्लेटफॉर्म के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के चलते भारत में अगले दो दशकों में हर साल 15 से 40 तक अतिरिक्त बेहद गर्म दिन बढ़ सकते हैं। वहीं कई क्षेत्रों में असामान्य रूप से गर्म रातों में भी 20 से 40 दिनों तक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो स्वास्थ्य, उत्पादकता और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है।
‘CRAVIS’ एक एआई-संचालित क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जो 40 वर्षों के ऐतिहासिक डेटा को 2070 तक के अनुमानों के साथ जोड़ता है। इसमें India Meteorological Department, Indian Institute of Tropical Meteorology समेत कई संस्थानों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। यह प्लेटफॉर्म जिला स्तर तक जलवायु जोखिम का विश्लेषण करने में सक्षम है।
पीयूष गोयल ने कहा कि बढ़ती गर्मी, अनियमित बारिश और चरम मौसम की घटनाएं अब भारत के लिए वास्तविकता बन चुकी हैं। ऐसे में कंपनियों और नीति निर्माताओं को जोखिम का आकलन कर योजनाएं बनानी होंगी।
CEEW के सीईओ Arunabha Ghosh ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म जलवायु से जुड़ी जटिल जानकारी को सरल बनाकर नीति निर्धारकों और उद्योगों तक पहुंचाने का काम करेगा। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचे और शहरी योजना में बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि देश के आधे से ज्यादा डेटा सेंटर पहले ही साल में 90 दिन से ज्यादा 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान झेल रहे हैं। 2040 तक यह संख्या 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे कूलिंग और बिजली की मांग बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, ‘CRAVIS’ को जलवायु परिवर्तन के बीच भारत की योजना प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और डेटा आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



