छत्तीसगढ़

विधानसभा में अटल श्रीवास्तव ने खोली PWD के फर्जी बिलों की पोल

रायपुर, 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के खर्चों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रश्नकाल के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के नाम पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दस्तावेजों के साथ सदन में मामला उठाते हुए इसकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने दिसंबर 2023 से 16 जून 2026 तक बिलासपुर जिले में आयोजित शासकीय कार्यक्रमों में टेंट, स्टेज, कुर्सी, सजावट, लाइट और साउंड व्यवस्था पर हुए खर्च का ब्योरा मांगा। उन्होंने यह भी पूछा कि किन एजेंसियों और फर्मों को कितना भुगतान किया गया तथा कितनी राशि अभी लंबित है।

इस पर लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि सभी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन के बाद किए गए हैं तथा कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं है।

हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक अटल श्रीवास्तव ने सदन में दस्तावेज लहराते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री का तखतपुर में केवल एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसके लिए लगभग 24 लाख रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन उसी दिन पॉलीटेक्निक कॉलेज में मुख्यमंत्री के एक अन्य कार्यक्रम के नाम पर भी करीब 24 लाख रुपये का अलग बिल बनाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि ऐसा कोई कार्यक्रम हुआ ही नहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। विधायक ने मंत्री से पूछा कि क्या इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विधायक श्रीवास्तव ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के रहंगी में आयोजित कृषक सम्मेलन का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में टेंट और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर करीब 13 लाख रुपये खर्च दिखाया गया, जबकि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे बड़े सरकारी आयोजनों में भी पुलिस ग्राउंड पर होने वाले कार्यक्रमों का खर्च लगभग तीन से साढ़े तीन लाख रुपये ही आता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोलकाता-दिल्ली विमान सेवा के वर्चुअल शुभारंभ के दौरान भी टेंट और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाकर भुगतान किया गया।

मंत्री अरुण साव ने विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद पीडब्ल्यूडी के खर्च और सरकारी आयोजनों में हुए भुगतान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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