राज्य नीति आयोग में स्वतंत्रता दिवस पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, विकसित छत्तीसगढ़ का लिया संकल्प
उपाध्यक्ष ने किया ध्वजारोहण, अधिकारियों-कर्मचारियों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान

रायपुर, 15 अगस्त 2026। राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। समारोह में आयोग के सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव आशीष कुमार भट्ट सहित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इस वर्ष राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के कारण समारोह का महत्व और बढ़ गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
स्वतंत्रता को समृद्धि में बदलना हमारी जिम्मेदारी: मिश्रा
उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि 15 अगस्त केवल एक तारीख नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव, बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक है। आज देश जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहा है, वह असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके आदर्शों को याद करते हुए देश और प्रदेश के विकास में योगदान देना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हासिल करना ऐतिहासिक उपलब्धि थी, लेकिन अब इस स्वतंत्रता को समृद्धि और विकास में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सभी मिलकर सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र का निर्माण करें और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
‘विकसित भारत @2047’ में नीति आयोग की अहम भूमिका
मिश्रा ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आयोग राज्य की नीतियों, योजनाओं और विकास लक्ष्यों को दिशा देने के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए लगातार काम कर रहा है।
उन्होंने आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2047 तक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी याद रखें
आयोग के सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी हमेशा ध्यान रखना चाहिए। मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन जरूरी है।
वहीं सदस्य सचिव आशीष कुमार भट्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की अपील की।
‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से गूंजा परिसर
समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इस दौरान सभी ने राष्ट्र के विकास और विकसित छत्तीसगढ़ की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से काम करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



