सरगुजा-बस्तर में डेयरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार, दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर जोर

रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरगुजा और बस्तर संभाग में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और विपणन सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (सीजीसीडीएफ) की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास, दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि, महिला दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी बढ़ाने तथा दुग्ध संग्रहण और विपणन अधोसंरचना को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बस्तर संभाग पर विशेष फोकस
बैठक में बस्तर संभाग के सात जिलों में डेयरी विकास की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और अनुसूचित जनजाति परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। क्षेत्र में लगभग 88 प्रतिशत गायें स्थानीय नस्ल की हैं। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पशुपालन प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सरगुजा में 45 केंद्रों से हो रहा दूध संग्रहण
एनडीडीबी के सहयोग से जून 2025 से सरगुजा संभाग के जशपुर और बलरामपुर में चिलिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। जशपुर में 2 हजार लीटर और बलरामपुर में 5 हजार लीटर क्षमता वाले चिलिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।
वर्तमान में 45 मिल्क कलेक्शन सेंटरों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 3,500 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। इस व्यवस्था से 1,500 से अधिक महिला दुग्ध उत्पादक जुड़ी हुई हैं।
सीधे बैंक खाते में भुगतान
डेयरी परियोजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और महिला दुग्ध उत्पादकों को नियमित आय का माध्यम मिला है। शासन का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
बैठक में पिछली बैठकों की कार्रवाई रिपोर्ट, मानव संसाधन से जुड़ी चुनौतियों, परियोजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने डेयरी क्षेत्र में चल रहे कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की।
बैठक में अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आयुक्त सहकारिता रमेश कुमार शर्मा सहित राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा फेडरेशन के सदस्य उपस्थित रहे।


