कुत्तों से बचकर कलेक्ट्रेट पहुंचा ‘माउस डियर’, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
इलाज के बाद जंगल में लौटाया

दंतेवाड़ा, 19 अगस्त 2026। दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक पहुंचे एक भयभीत माउस डियर को वन विभाग की तत्परता से नया जीवन मिला। कुत्तों के पीछा करने से घबराकर भटकते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे इस दुर्लभ वन्यजीव को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। उपचार और आवश्यक देखरेख के बाद स्वस्थ होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया गया।
कुत्तों के डर से कलेक्ट्रेट पहुंचा था माउस डियर
जानकारी के अनुसार, कुत्तों के पीछा करने से घबराया माउस डियर भटकते हुए दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया था। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी ने माउस डियर का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आवश्यक उपचार और निगरानी के बाद जब वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, तो उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है माउस डियर
वन विभाग के अनुसार माउस डियर दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है। वन विभाग की ओर से वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य वन्यजीवों को रेस्क्यू करने के साथ उन्हें सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाना भी है।
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण में विभाग की तत्परता के साथ नागरिकों की जागरूकता के महत्व को भी सामने रखा है।
जंगली जानवर दिखे तो नजदीक न जाएं
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्र में कोई जंगली जानवर दिखाई देने पर उसे पकड़ने, भगाने या उसके करीब जाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मी वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सकें।
वन विभाग के अनुसार, समय पर सूचना और उचित रेस्क्यू से वन्यजीवों की जान बचाने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को भी कम किया जा सकता है।



