मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने किया नए जिला न्यायालय भवन का भूमिपूजन

दुर्ग, 23 अगस्त 2026। दुर्ग जिले के न्यायिक इतिहास में शनिवार को महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण के लिए विधिवत भूमिपूजन किया। इस दौरान न्यायिक अधोसंरचना के साथ डिजिटल न्याय व्यवस्था और सामुदायिक मध्यस्थता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में न्यायाधिपति पी.पी. साहू, न्यायाधिपति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायाधिपति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायाधिपति विभु दत्त गुरु एवं न्यायाधिपति अमितेंद्र किशोर प्रसाद मौजूद रहे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया न्यायालय भवन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने नए न्यायालय भवन की आवश्यकता और भविष्य की न्यायिक जरूरतों के अनुरूप आधुनिक परिसर के विकास की जानकारी दी।
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। प्रस्तावित भवन से न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और न्यायार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
‘संधि सेतु’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता पर तैयार पुस्तक ‘संधि सेतु’ का विमोचन भी मुख्य न्यायाधिपति ने किया।
पुस्तक के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति और मध्यस्थता के जरिए विवादों के समाधान की अवधारणा को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य न्याय को केवल अदालतों तक सीमित रखने के बजाय समाज के स्तर पर भी विवाद समाधान की व्यवस्था को मजबूत करना है।
डिजिटल न्यायिक सेवाओं की शुरुआत
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल पहलों का शुभारंभ एवं वीडियो प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) और Court Fee Ticket Generation System प्रमुख रहे।
इन सेवाओं के जरिए न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने तथा नागरिकों और न्यायिक हितधारकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
‘न्याय सुलभ और जन-केंद्रित होना चाहिए’
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नए न्यायालय भवन को दुर्ग की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय सुलभ, सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के निकट हो। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों और सामुदायिक मध्यस्थता के प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, जिला न्यायपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग सुमन एक्का ने आभार व्यक्त किया। जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग और जिला से चयनित स्टेट बार काउंसिल सदस्यों ने भी मुख्य न्यायाधिपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।



