छत्तीसगढ़

गुढ़ियारी से महादेव घाट तक निकली कांवड़ यात्रा, CM साय भी हुए शामिल

शिवभक्तों संग किया रुद्राभिषेक, हर-हर महादेव से गूंजा रायपुर

रायपुर, 23 अगस्त 2026। पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर रविवार को भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर से निकली भव्य कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा।

गुढ़ियारी से महादेव घाट तक निकली कांवड़ यात्रा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

‘धार्मिक यात्रा ही नहीं, सामाजिक एकता का उत्सव’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है। ऐसे आयोजनों में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ शामिल होते हैं, जिससे आपसी सद्भाव और समरसता की भावना मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

हटकेश्वरनाथ मंदिर का विशेष महत्व

मुख्यमंत्री साय ने महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्राकृतिक सुंदरता और लोक संस्कृति के साथ-साथ उसकी समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम कर रही है। इससे धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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