शैक्षणिक भ्रमण से लौटीं बिहान दीदियां, विजय शर्मा को राखी बांधकर साझा किए अनुभव

कबीरधाम, 27 अगस्त 2026। गुजरात के बनासकांठा स्थित डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का कर लौटीं कबीरधाम जिले की बिहान स्व-सहायता समूहों की दीदियों और पशुपालकों ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान दीदियों ने उन्हें रक्षाबंधन की बधाई देते हुए राखी बांधी और गुजरात में सीखी गई आधुनिक डेयरी एवं पशुपालन तकनीकों की जानकारी साझा की।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी दीदियों और पशुपालकों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब वहां से मिली सीख को अपने गांव और जिले में अपनाकर आजीविका के नए अवसर तैयार किए जाएं।
उन्होंने दीदियों से बनासकांठा में देखी गई उन्नत डेयरी व्यवस्था, पशुपालन तकनीक, चारा प्रबंधन, दुग्ध संकलन, गुणवत्ता नियंत्रण और सहकारी मॉडल को स्थानीय स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।
34 सदस्यों ने देखा अमूल का सफल मॉडल
उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकांठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था। दल ने वहां डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने संतुलित आहार एवं चारा विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय, आधुनिक दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण, दूध की गुणवत्ता जांच, डेयरी उत्पाद निर्माण और उनके विपणन की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इसके साथ ही छोटे पशुपालकों को सहकारी मॉडल के जरिए संगठित कर उनकी आय बढ़ाने की व्यवस्था की जानकारी भी ली।
गांवों में लागू करेंगी गुजरात की सीख
गुजरात से लौटीं दीदियों ने बताया कि वहां पशुपालन और डेयरी को केवल व्यक्तिगत आय का साधन नहीं, बल्कि सामूहिक आर्थिक विकास का मॉडल बनाया गया है। दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता बनाए रखने और दूध का बेहतर मूल्य दिलाने की व्यवस्था ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।
दीदियों ने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें अपने गांवों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने की प्रेरणा मिली है। वे सीखी गई तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अन्य ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों के साथ साझा करेंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बिहान स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्पादन, प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कबीरधाम की दीदियों और पशुपालकों का बनासकांठा भ्रमण केवल यात्रा नहीं, बल्कि सीख को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों में बदलने की पहल है। गुजरात के डेयरी मॉडल से मिले अनुभव आने वाले समय में कबीरधाम में दुग्ध उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उपयोगी साबित होंगे।



