छत्तीसगढ़

भोग नहीं, संयम से मिटती है तृष्णा : मुनि आगम सागर

कहा : धन बढ़े तो दान-पुण्य में लगाएं

रायपुर, 1 सितंबर 2026। दिगंबर जैन आदीश्वरधाम नवोदय तीर्थ, रायपुर में आयोजित समयोपदेश वर्षायोग 2026 के तहत मंगलवार को भक्ति, स्वाध्याय, ध्यान और धर्ममय वातावरण में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। इस दौरान मुनि आगम सागर ने श्रद्धालुओं को संयम, सदाचार और व्यसनमुक्त जीवन का संदेश दिया।

प्रातः 7.30 बजे बड़ा मंदिर के जिनालयों में अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। मूलनायक भगवान के समक्ष अभिषेक और शांतिधारा करने का सौभाग्य रूपम जैन, राजेश कुमार जैन, गौतम जैन एवं अदिति जैन को प्राप्त हुआ। वहीं त्रिकाल चौबीसी में विद्यासागर परिवार के सदस्यों ने प्रतिमाओं का अभिषेक एवं शांतिधारा कर पुण्यार्जन किया।

नवधा भक्ति के साथ मुनि आगम सागर, मुनि पुनीत सागर, एलक धैर्य सागर एवं एलक स्वागत सागर की सहर चर्या संपन्न हुई। विभिन्न परिवारों को मुनिराजों एवं एलक को आहारदान कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

इसके बाद मुनि आगम सागर ने तत्त्वार्थ सूत्र एवं छह ढाला की कक्षा में श्रद्धालुओं को स्वाध्याय कराया। प्रवचन में उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्य का अध्ययन नहीं करना चाहिए, जो चोरी, वासना और आसक्ति को बढ़ावा देता हो। इसके स्थान पर गुरु और आत्मकल्याण की भावना को मजबूत करने वाले धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए।

मुनिश्री ने कहा कि भोगों से तृष्णा कभी शांत नहीं होती, बल्कि संयम से ही तृष्णा पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि अनेक रानियां होने के बावजूद तृष्णा के वशीभूत होकर उसने पराई स्त्री का हरण किया, जो उसके विनाश का कारण बना। उन्होंने स्वदार संतोष व्रत के पालन को गृहस्थ जीवन में सुख और संतोष का आधार बताया।

गुटखा और नशा साक्षात जहर

व्यसनों पर प्रहार करते हुए मुनि आगम सागर ने कहा कि जिस प्रकार लड्डू में मिलाया गया जहर भी प्राणघातक होता है, उसी प्रकार गुटखा और नशा भी साक्षात जहर हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते अपराध, मारपीट और हिंसा के पीछे व्यसन भी एक प्रमुख कारण है।

उन्होंने गृहस्थों को संदेश देते हुए कहा कि घर में धन-संपत्ति बढ़ने पर उसका उपयोग केवल भोग-विलास में नहीं, बल्कि दान, धर्म और पुण्य कार्यों में किया जाना चाहिए। यदि धन का सदुपयोग नहीं किया गया तो वही धन व्यक्ति को व्यसनों और गलत प्रवृत्तियों की ओर ले जा सकता है।

समयোপदेश वर्षायोग समिति के कार्यकारी अध्यक्ष संजय नायक जैन, उपाध्यक्ष विक्की जैन एवं मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन ने बताया कि आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समिति एवं सकल दिगंबर जैन समाज रायपुर ने धर्मानुरागी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन परिवार सहित आयोजन में शामिल होकर मुनिश्री के दर्शन, पूजन, स्वाध्याय और देशना का लाभ लेने की अपील की।

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