धर्मसभा में आज होगा भगवान महावीर का जन्मवांचन
मुनि संवेगरत्न सागर करेंगे माता त्रिशला के 14 महास्वप्नों का वर्णन

रायपुर, 12 सितंबर 2026। विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास के अंतर्गत पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की धर्मसभा में भगवान महावीर के जीवन चरित्र और उनके पूर्व भवों का आध्यात्मिक वाचन किया जा रहा है। 11 सितंबर को मुनि संवेगरत्न सागर ने कल्पसूत्र ग्रंथ के माध्यम से परमात्मा के 27 भवों के चरित्र और सम्यक ज्ञान का वाचन किया।
मुनिश्री ने बताया कि जैन परंपरा में माता त्रिशला द्वारा देखे गए 14 महास्वप्नों का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। भगवान महावीर के जन्म से पूर्व देखे गए इन महास्वप्नों को परमात्मा के आगमन के शुभ संकेत के रूप में माना जाता है। जन्मवांचन के दौरान इन स्वप्नों के धार्मिक महत्व और उनके आध्यात्मिक संदेश को श्रद्धालुओं के समक्ष विस्तार से रखा जाएगा।
12 सितंबर को दोपहर 2 बजे होगा जन्मवांचन
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया ने बताया कि 12 सितंबर को दोपहर 2 बजे भगवान महावीर के जन्म का वांचन किया जाएगा। इस दौरान भगवान महावीर के जन्म प्रसंग के साथ माता त्रिशला देवी को प्रभु के जन्म से पहले दिखाई दिए 14 महास्वप्नों का भी वर्णन किया जाएगा।
पर्युषण महापर्व के दौरान होने वाले इस विशेष जन्मवांचन को लेकर श्रावक-श्राविकाओं में उत्साह है। धर्मसभा में भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों के साथ उनके संदेश और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मुनिश्री के मुखारविंद से दी जाएगी।
रोज बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
चातुर्मास समिति के महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि पर्युषण महापर्व के दौरान प्रतिदिन धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर मुनिश्री के मुखारविंद से जिनवाणी का लाभ ले रहे हैं। भगवान महावीर के जन्मवांचन का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है।
उन्होंने बताया कि जन्मवांचन के दौरान भगवान महावीर के जन्म से जुड़े प्रसंगों के साथ माता त्रिशला के 14 महास्वप्नों का भी वाचन किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में धर्मसभा में उपस्थित होकर इस पावन प्रसंग का लाभ लेने का आग्रह किया गया है।



