त्योहारों से पहले जेब पर चौतरफा वार! LPG से फ्लाइट और TV-फ्रिज तक बढ़ा खर्च

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026। अक्टूबर की शुरुआत त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए खर्च बढ़ाने वाली खबर लेकर आई है। महीने की शुरुआत से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम बढ़ गए हैं। इसके अलावा घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी और पासपोर्ट शुल्क में बदलाव से भी उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर 62.50 रुपए महंगा
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपए की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,810 रुपए हो गई है, जबकि मुंबई में यह करीब 2,764.50 रुपए पहुंच गई है। पटना में 71.50 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपए बनी हुई है।
होटल-रेस्तरां से लेकर कैटरिंग तक असर
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबों और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है। अक्टूबर में दशहरा, दीपावली और शादी-विवाह का सीजन शुरू होने से खाद्य सेवाओं की मांग भी बढ़ती है। ऐसे में कारोबारियों की परिचालन लागत बढ़ने पर इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
ATF भी महंगा, हवाई सफर पर पड़ सकता है असर
हवाई यात्रियों के लिए भी अक्टूबर की शुरुआत राहत वाली नहीं रही। घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमत 16 रुपए प्रति लीटर बढ़कर 137 रुपए हो गई है। इससे पहले यह 121 रुपए प्रति लीटर थी।
एयरलाइंस की परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी काफी बड़ी होती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से विमानन कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। हालांकि हवाई किराए में तत्काल कितनी बढ़ोतरी होगी, यह एयरलाइंस की कीमत निर्धारण नीति और मांग पर निर्भर करेगा।
टीवी-फ्रिज से AC तक महंगे होने की तैयारी
त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों के बजट पर भी दबाव बढ़ सकता है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण कुछ घरेलू उपकरणों की कीमतों में 5 से 8 फीसदी तक वृद्धि देखने को मिल सकती है।
स्मार्ट टीवी, स्प्लिट एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों पर इसका असर पड़ने की संभावना है। उत्पाद के हिसाब से ग्राहकों को करीब 1,200 से 3,500 रुपए तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि अलग-अलग कंपनियों और मॉडल पर कीमतों में बदलाव अलग हो सकता है।
पासपोर्ट बनवाना भी पड़ेगा महंगा
विदेश यात्रा, पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी भी अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सामान्य श्रेणी के नए पासपोर्ट की फीस में 1,000 रुपए तक की वृद्धि की गई है। इससे नया पासपोर्ट बनवाने या संबंधित सेवा लेने वालों का खर्च बढ़ेगा।
त्योहारों के बीच बढ़ सकता है बजट पर दबाव
अक्टूबर और नवंबर में देशभर में त्योहार, शादियां और यात्राओं का दौर रहता है। ऐसे में कमर्शियल गैस और विमान ईंधन की बढ़ी लागत का असर कारोबार और सेवाओं पर दिखाई दे सकता है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक सामान और पासपोर्ट जैसी सेवाओं पर बढ़ा खर्च सीधे उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत में हुए ये बदलाव अलग-अलग क्षेत्रों में लागत बढ़ने का संकेत दे रहे हैं। हालांकि घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल जैसे कुछ प्रमुख ईंधनों की कीमतों में इस समय बदलाव नहीं किया गया है।



