छत्तीसगढ़

गौमूत्र के वैज्ञानिक उपयोग और जैविक खेती पर एडब्ल्यूबीआई से चर्चा

18 अक्टूबर को रायपुर में खुलेगा मनोहर गौशाला का मुख्य कार्यालय

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। मनोहर गौशाला खैरागढ़ के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने नई दिल्ली में भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) के सचिव एम.के. चौहान और सहायक सचिव प्राची जैन से मुलाकात की। इस दौरान गौ संवर्धन-संरक्षण, गौमूत्र के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोग, जैविक कृषि और प्राकृतिक खेती से जुड़े अनुसंधान को लेकर चर्चा हुई।

गौशाला के प्रयोगों और अनुसंधान की दी जानकारी

बैठक में डॉ. अखिल जैन ने मनोहर गौशाला की ओर से अब तक किए गए प्रयोगों और अनुसंधान की जानकारी अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौसेवा और जीवदया के साथ गौ आधारित जैविक अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और किसानों के उपयोग से जुड़े प्रयोग किए जा रहे हैं।

गौमूत्र आधारित अनुसंधान पर चर्चा

बैठक में विशेष रूप से गौमूत्र आधारित अनुसंधान और कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में इसके उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान मनोहर गौशाला की ओर से प्रकाशित पुस्तक ‘गाय एक अनुसंधान’ भी अधिकारियों को भेंट की गई। पुस्तक में गाय से जुड़े विभिन्न अनुसंधान और विषयों को संकलित किया गया है।

18 अक्टूबर को रायपुर में मुख्य कार्यालय का शुभारंभ

डॉ. अखिल जैन ने दोनों अधिकारियों को 18 अक्टूबर को रायपुर में होने वाले मनोहर गौशाला के मुख्य कार्यालय एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ समारोह के लिए आमंत्रित भी किया। बैठक में गौ संवर्धन-संरक्षण, जैविक खेती और अनुसंधान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

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