मैं हमेशा से ‘डार्क हॉर्स’ रही हूं: तापसी पन्नू ने ‘गांधारी’ की सफलता पर की बात…
Netflix की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश फिल्मों में लगातार तीन हफ्ते रही ‘गांधारी’

मुंबई, 12 अक्टूबर 2026। तापसी पन्नू की फिल्म ‘गांधारी’ को वैश्विक स्तर पर दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। फिल्म लगातार तीन हफ्तों तक नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश फिल्मों की सूची में जगह बनाने में सफल रही। फिल्म में तापसी के एक्शन अवतार और दमदार अभिनय की भी चर्चा हो रही है। अब अभिनेत्री ने फिल्म की सफलता, खुद स्टंट करने की चुनौती और हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान को लेकर खुलकर बात की है।
तापसी ने अपने करियर को एक ऐसे सफर के रूप में बताया, जिसमें उन्हें बार-बार अपनी क्षमता साबित करनी पड़ी है। वह खुद को ‘डार्क हॉर्स’ कहती हैं। उनके मुताबिक, कई बार लोगों को उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं होतीं, लेकिन वह अपने काम से दर्शकों को चौंकाने की कोशिश करती हैं।
‘मुझे बार-बार खुद को साबित करना पड़ता है’
अपनी इस पहचान पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि उन्हें अक्सर यह महसूस होता है कि लोग उनकी क्षमता का अंदाजा पहले से नहीं लगा पाते। उन्होंने ‘गांधारी’ का उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि वह साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली पांच फिल्मों में शामिल होगी।
तापसी के मुताबिक, उनके साथ ऐसा पहले भी कई फिल्मों के दौरान हुआ है। ‘पिंक’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों को लेकर भी उन्होंने इसी तरह का अनुभव साझा किया। अभिनेत्री का कहना है कि वह उन कलाकारों में शामिल नहीं रही हैं, जिनकी फिल्म की घोषणा होते ही दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा, “मैं खुद को डार्क हॉर्स कहती हूं, क्योंकि किसी को सच में भरोसा नहीं होता कि मैं क्या कर सकती हूं या आखिर में क्या करके दिखाऊंगी।”
‘डार्क हॉर्स बने रहने में भी खुशी है’
तापसी ने स्वीकार किया कि कभी-कभी उन्हें इस बात का बुरा लगता है कि उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बार-बार मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, वह इसे अपनी पहचान का हिस्सा भी मानती हैं।
अभिनेत्री के अनुसार, वह भले ही उन तीन सबसे बड़ी फीमेल स्टार्स में शामिल न हों, जिनकी फिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन वह अपने काम के जरिए अपनी जगह बनाने में विश्वास रखती हैं।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी मुझे बुरा लगता है कि मुझे बार-बार खुद को साबित करना पड़ता है। लेकिन मुझे डार्क हॉर्स बने रहने में खुशी है। यह भी अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।”
‘गांधारी’ में एक्शन के लिए खुद किए स्टंट
‘गांधारी’ तापसी के करियर में एक और चुनौतीपूर्ण एक्शन फिल्म के तौर पर सामने आई है। फिल्म में उनके एक्शन अवतार ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। मुश्किल एक्शन सीक्वेंस की तैयारी और खुद स्टंट करने के अनुभव ने इस भूमिका को उनके लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनाया।
तापसी ने अपने अभिनय करियर में लगातार अलग-अलग तरह के किरदार चुने हैं। ‘पिंक’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों में गंभीर विषयों पर आधारित भूमिकाओं के बाद ‘गांधारी’ में उनका एक्शन अवतार उनके काम की विविधता को दर्शाता है।
‘पिंक’ से ‘गांधारी’ तक, अपनी पसंद से बनाई अलग पहचान
तापसी पन्नू की फिल्मोग्राफी में ऐसी कई फिल्में शामिल हैं, जिनमें कहानी और किरदार को खास महत्व दिया गया है। वह अक्सर ऐसी भूमिकाएं चुनती हैं, जिनमें अभिनय के जरिए दर्शकों पर प्रभाव छोड़ने की गुंजाइश हो।
‘गांधारी’ की वैश्विक सफलता और उनके एक्शन प्रदर्शन को मिल रही सराहना ने एक बार फिर उनकी इसी पहचान को चर्चा में ला दिया है। तापसी की बातों से साफ है कि वह हर फिल्म से पहले मिलने वाली लोकप्रियता के बजाय अपने काम के परिणाम और दर्शकों पर पड़ने वाले प्रभाव को अधिक महत्व देती हैं।



