धान खरीदी से पहले रायगढ़ प्रशासन सख्त: 4 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, 3 निलंबित
रायगढ़, खरसिया और लैलूंगा में 12 कर्मचारियों का तबदला

रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी से पहले जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसानों को परेशान करने, कथित जबरन वसूली, मनमाने ढंग से टोकन काटने और ड्यूटी में लापरवाही जैसी शिकायतों के मामले में चार कर्मचारियों को बर्खास्त और तीन को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से उप आयुक्त, सहकारिता द्वारा यह कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य आगामी धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और व्यवस्थित बनाना तथा किसानों के हितों की रक्षा करना है।
पिछले साल की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी के दौरान कुछ कर्मचारियों के खिलाफ किसानों को परेशान करने, जबरन वसूली, मनमाने ढंग से टोकन काटने, दुर्व्यवहार और बिना सूचना अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने जैसी शिकायतें मिली थीं।
इन मामलों में संबंधित कर्मचारियों को 14 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 3 सितंबर 2026 को स्मरण पत्र भी भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों ने जवाब प्रस्तुत नहीं किया या उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसे पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चूक मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
लैलूंगा के चार कर्मचारी बर्खास्त
विकासखंड लैलूंगा की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत चार कर्मचारियों को पद से बर्खास्त किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- लालकुमार सिदार — डाटा एंट्री ऑपरेटर, केशला समिति
- टिकेश्वर पटेल — लिपिक, लिबरा समिति
- हेमसागर मालाकार — डाटा एंट्री ऑपरेटर, कोड़ासिया समिति
- विष्णु प्रधान — डाटा एंट्री ऑपरेटर, लारीपानी समिति
तीन कर्मचारी तत्काल प्रभाव से निलंबित
इसी कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें लिबरा समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर लुकेश्वर यादव, लैलूंगा समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर अवधेश पैंकरा और लारीपानी समिति के सहायक लिपिक पिताम्बर बैरागी शामिल हैं।
रायगढ़, खरसिया और लैलूंगा में 12 कर्मचारियों का तबदल
13 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, 12 कर्मचारियों को आगामी आदेश तक नए पदस्थापना स्थलों पर भेजा गया है। स्थानांतरण की सूची इस प्रकार है:
रायगढ़ विकासखंड
- उज्ज्वल प्रसाद पटेल — भातपुर से कांटाहरदी
- राजेश कुमार पटेल — कांटाहरदी से कछार
- कौशल प्रसाद साहू — कछार से भातपुर
खरसिया विकासखंड
- कैलाश पटेल — चपले से बरगढ़
- रामखिलावन राठौर — खरसिया से जैमुरा
- मनोज राठौर — हालाहुली से तुरेकेला
- संतोष राठौर — हालाहुली से बानीपाथर
- संजय पाण्डे — बानीपाथर से हालाहुली
- डंकेश्वर डनसेना (मानू) — जैमुरा से हालाहुली
- जनक पटेल — बानीपाथर से चपले
- गेंदलाल श्रीवास — चपले से बानीपाथर
लैलूंगा विकासखंड
- त्रिलोचन बेहरा — कोड़ासिया से लैलूंगा
पिछली धान खरीदी में एस्मा भी लागू था
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी कार्य में संलग्न कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 यानी एस्मा लागू किया गया था। इसे 14 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र के असाधारण अंक क्रमांक 868 के माध्यम से लागू किया गया था।
किसानों से दुर्व्यवहार और अवैध वसूली पर सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी धान खरीदी के दौरान किसानों के साथ दुर्व्यवहार, अवैध वसूली और कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



