मुनाफाखोरी छोड़कर महंगाई पर लगाम लगाए केंद्र सरकार: कन्हैया अग्रवाल
नाफेड के जरिए जनता को महंगी दाल बेचने का खेल बंद करने की मांग

रायपुर, 17 अगस्त 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र सरकार और उसकी विपणन एजेंसियों नाफेड व NCCF पर दलहन की कीमतें बढ़ाने और मुनाफाखोरी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों को MSP का लाभ देने के साथ आम उपभोक्ताओं को भी सस्ती खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि MSP और सरकारी खरीद का उद्देश्य बाजार में कीमतों को नियंत्रित करना तथा किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत देना है। लेकिन इसके विपरीत सरकारी एजेंसियां ही ऊंचे दामों पर खाद्यान्न बेच रही हैं, जिससे बाजार में महंगाई बढ़ने का खतरा है।
‘सरकारी एजेंसी व्यापारी की भूमिका में’
कांग्रेस महामंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में नाफेड ने किसानों से करीब 5,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदा और उसी कच्चे चने को बिना प्रोसेसिंग खुले बाजार अथवा ई-ऑक्शन में 6,400 रुपये से अधिक के भाव पर बेचा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी एजेंसियां ही मुनाफे के लिए ऊंची दरों पर अनाज बेचेंगी, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि ऊंचे दाम पर सरकारी स्टॉक की बिक्री के बाद निजी व्यापारी और मिल संचालक उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते दालों की कीमत और बढ़ा सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है।
बफर स्टॉक से सस्ती दरों पर खाद्यान्न जारी करने की मांग
कन्हैया अग्रवाल ने मांग की कि नाफेड और अन्य केंद्रीय एजेंसियां बफर स्टॉक से खाद्यान्न को वाजिब दरों पर बाजार में जारी करें, ताकि खुदरा कीमतों में कमी लाई जा सके। उन्होंने ई-ऑक्शन में अनाज के न्यूनतम बोली मूल्य को कम करने की भी मांग की, ताकि बिचौलियों और व्यापारियों को अनुचित लाभ न मिले।
उन्होंने कहा कि किसानों से MSP पर खरीदे गए अनाज को प्रोसेसिंग के बाद ‘भारत दाल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर सस्ती दरों पर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए।
कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मुनाफाखोरी की नीति पर रोक नहीं लगाई और दलहन एवं खाद्यान्न की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस जनता के हित में सदन से सड़क तक आंदोलन करेगी।



