छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में विभागीय TET पर बनी सहमति, शिक्षामंत्री से मिला शिक्षक संगठन

रायपुर, 26 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को शिक्षक संगठनों और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच हुई बैठक में विभागीय TET कराने पर सहमति बन गई। करीब आधे घंटे चली बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को विभागीय TET की प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए। इस परीक्षा में केवल कार्यरत शिक्षक ही शामिल होंगे और यह सामान्य TET से अलग शिक्षा विभाग के स्तर पर आयोजित की जाएगी।

शिक्षक संगठनों के मुताबिक, 25 अगस्त को प्रदेशभर में किए गए आंदोलन के बाद सरकार की ओर से उन्हें चर्चा के लिए बुलाया गया था। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे शिक्षक नेताओं ने शिक्षामंत्री से मुलाकात की। बैठक में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संचालक एवं संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केदार जैन, शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे, टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

विभागीय TET पर बनी सहमति

बैठक में शिक्षक संगठनों ने TET को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं। इस दौरान शिक्षामंत्री ने विभागीय TET आयोजित करने पर सहमति जताई और संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए।

हालांकि, शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग भी दोहराई। प्रांतीय अध्यक्ष केदार जैन ने कहा कि 25 अगस्त के आंदोलन का सार्थक असर हुआ है और इसी के बाद सरकार ने संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया।

उन्होंने कहा कि विभागीय TET को लेकर मिले आश्वासन का संगठन स्वागत करता है, लेकिन शिक्षकों की मांग है कि उन्हें TET से पूरी तरह मुक्त रखा जाए। अन्य मांगों को लेकर भी शिक्षामंत्री ने आगे सार्थक चर्चा का भरोसा दिया है।

25 अगस्त को प्रदेशभर में हुआ था आंदोलन

TET की अनिवार्यता समेत विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक संगठनों ने 25 अगस्त को पूरे प्रदेश में आंदोलन किया था। इसके बाद सरकार ने शिक्षक नेताओं को बातचीत के लिए 26 अगस्त को बुलाया था।

बैठक में विभागीय TET के अलावा शिक्षकों की सेवा, वेतन, पेंशन, पदोन्नति और भर्ती नियमों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मोर्चा की पांच प्रमुख मांगें

1. TET से मुक्ति:
शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की गई है। संगठनों का कहना है कि सेवा की सुरक्षा और पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता से राहत मिलनी चाहिए।

2. पूर्व सेवा का पेंशन लाभ:
शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को जोड़कर पेंशन और अन्य सेवा संबंधी लाभ देने की मांग रखी गई है।

3. केंद्रीय वेतनमान:
शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान के समान लाभ देने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई है।

4. भर्ती नियमों में संशोधन:
13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन की मांग की गई है।

5. B.Ed. ब्रिज कोर्स:
शिक्षकों की सेवा और पदोन्नति से संबंधित पात्रता पूरी करने के लिए ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

बैठक के बाद शिक्षक संगठनों ने विभागीय TET को लेकर बनी सहमति का स्वागत किया है, लेकिन TET से पूर्ण मुक्ति समेत बाकी मांगों पर सरकार से आगे भी चर्चा जारी रखने की बात कही है।

Related Articles

Back to top button