छत्तीसगढ़

रायपुर में कल ‘रक्षाबंधन वात्सल्य महा महोत्सव’, मुनि आगम सागर के सानिध्य विशेष धार्मिक अनुष्ठान

रायपुर, 27 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर के मालवीय रोड स्थित दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में चल रहे ‘समयोपदेश वर्षायोग 2026’ के तहत गुरुवार को मुनि आगम सागर, मुनि पुनीत सागर, एलक धैर्य सागर और एलक स्वागत सागर के पावन सानिध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, स्वाध्याय और धर्मसभा का आयोजन हुआ। वहीं, शुक्रवार 28 अगस्त को मंदिर परिसर में पहली बार ‘रक्षाबंधन वात्सल्य महा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।

वर्षायोग समिति के कार्यकारी अध्यक्ष संजय नायक जैन, उपाध्यक्ष श्रद्धेय जैन विक्की और मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन ने बताया कि गुरुवार सुबह मूलनायक भगवान का महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई। इसके बाद धार्मिक कक्षाओं में मुनि पुनीत सागर ने जैन दर्शन के प्रमुख ग्रंथ ‘तत्त्वार्थ सूत्र’ का अध्ययन कराया, जबकि मुनि आगम सागर ने ‘छह ढाला’ ग्रंथ का वाचन किया।

मुनि आगम सागर ने दिया आत्मचिंतन का संदेश

मुख्य धर्मसभा में मुनि आगम सागर ने कहा कि अज्ञानता, मिथ्या चारित्र और सांसारिक विषयों में लीन रहने के कारण जीव आत्मा और शरीर को एक मान लेता है। जब तक अंतरंग में राग, द्वेष और परिग्रह के भाव बने रहते हैं, तब तक जीव संसार चक्र में भटकता रहता है।

उन्होंने कहा कि जैन दर्शन के अनुसार प्रत्येक जीव में सम्यक दर्शन के माध्यम से भगवान बनने की अनंत क्षमता मौजूद है। मुनिश्री ने देव, शास्त्र और गुरु के प्रति अंतरंग आस्था को दृढ़ करने का आह्वान करते हुए भरत चक्रवर्ती के पुत्र मरीचि का उदाहरण भी दिया।

आहारदान में श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ

चातुर्मास की साधना के अंतर्गत गुरुवार को मुनि आगम सागर और मुनि पुनीत सागर का व्रत रहा। वहीं, संघ के अन्य मुनिश्री का श्रद्धालुओं ने नवधा भक्ति के साथ पड़गाहन कर आहारदान कराया। एलक धैर्य सागर को आहार देने का सौभाग्य ऊषा धरमचंद गंगवाल परिवार और एलक स्वागत सागर को आहारदान कराने का सौभाग्य सरिता सुनील जैन एवं रेखा रमेश जैन परिवार को मिला।

28 अगस्त को होगा भव्य ‘रक्षाबंधन वात्सल्य महा महोत्सव’

शुक्रवार 28 अगस्त को सुबह 7 बजे से दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में ‘रक्षाबंधन वात्सल्य महा महोत्सव’ आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रथम चार इंद्रों द्वारा बोलियों के माध्यम से श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी। मूलनायक भगवान, देव-शास्त्र-गुरु और आचार्यश्री का विशेष पूजन किया जाएगा।

इस दौरान श्रेयांश नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पूजन, निर्वाण कांड वाचन और बोलियों के माध्यम से निर्वाण लाडू समर्पित किया जाएगा। प्रमुख पात्रों एवं इंद्र-इंद्राणियों द्वारा नृत्य भक्ति के साथ कुल 700 अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे।

मुनिश्री संघ के मुखारविंद से मंत्रोच्चार द्वारा अभिमंत्रित रक्षा सूत्र (ब्रेसलेट) भी समाज के सदस्यों को प्रदान किया जाएगा।

आयोजकों ने विधान में शामिल होने वाले धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपने घर से द्रव्य, बादाम और कम से कम 13 श्रीफल लाने की अपील की है। साथ ही सौधर्म इंद्र, ईशान इंद्र, चक्रवर्ती सहित सभी पात्रों और इंद्र-इंद्राणियों से निर्धारित पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।

समयोपदेश वर्षायोग समिति और बड़ा मंदिर समिति ने सकल दिगंबर जैन समाज से सपरिवार महोत्सव में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान का लाभ लेने की अपील की है।

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