सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z के आंदोलन में चली गोलियां, 20 से ज्यादा की मौत…

काठमांडू, 09 सितंबर 2025। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। काठमांडू में सोमवार को हजारों युवाओं ने संसद भवन के सामने प्रदर्शन किया। पुलिस के साथ झड़प में सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोली लगने से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक घायल हैं।
स्थिति बिगड़ने पर सरकार ने सेना को तैनात किया और बुटवल, भैरहवा और पोखरा समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया।
संसद परिसर में घुसने की कोशिश
‘जेन ज़ी’ और ‘हामी नेपाल’ के बैनर तले जुटे प्रदर्शनकारियों में स्कूली छात्र भी शामिल थे। कुछ आंदोलनकारी संसद भवन परिसर में घुस गए, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। काठमांडू जिला प्रशासन ने संसद, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय के आसपास धारा 144 जैसी पाबंदियां लगा दीं।
सरकार की सफाई
नेपाल सरकार ने चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया था। तर्क दिया गया कि इन प्लेटफॉर्म्स ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं किया। हालांकि जनता का आरोप है कि यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
सीमा पर चौकसी
हिंसा के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, झड़पों में सुरक्षाकर्मियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हुए और उन्हें काठमांडू के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विरोध की लहर
दमक, पोखरा और अन्य शहरों में भी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पुतला जलाया। प्रशासन को डर है कि हालात और न बिगड़ें, इसलिए सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है।



