जयपुर के SMS अस्पताल में भीषण आग, 8 मरीजों की मौत

जयपुर, 06 अक्टूबर 2025। राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। देर रात करीब 11:20 बजे न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर रूम में लगी भीषण आग में अब तक 8 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 3 महिलाएँ शामिल हैं।
हादसे के वक्त आईसीयू में 24 मरीज थे
सूत्रों के मुताबिक हादसे के वक्त न्यूरो आईसीयू में 11 और पास के दूसरे आईसीयू में 13 मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद दोनों वार्डों में अफरा-तफरी मच गई। धुआं तेजी से फैलने के कारण कई मरीजों की मौके पर ही सांस रुक गई। फिलहाल बाकी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया है।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका
ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टरों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। जिस स्टोर रूम में आग लगी, वहाँ पेपर, मेडिकल इक्विपमेंट, ब्लड सैंपलर ट्यूब और अन्य आईसीयू सामग्री रखी हुई थी।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। भरतपुर के रहने वाले शेरूं ने बताया कि आग लगने से करीब 20 मिनट पहले ही धुआं निकलना शुरू हो गया था। हमने स्टाफ को बताया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब तक आग फैली, वार्ड बॉय वहाँ से भाग गए। मुझे अपने मरीज को खुद बाहर निकालना पड़ा।
एक अन्य परिजन ने कहा कि हादसे के दो घंटे बाद भी मरीजों की स्थिति की सही जानकारी नहीं दी जा रही है।
शासन स्तर पर जांच कमेटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने 6 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। यह समिति अग्निकांड के कारणों और लापरवाही की जिम्मेदारी तय कर रिपोर्ट पेश करेगी।
अस्पताल प्रशासन और सरकार अलर्ट
अस्पताल प्रशासन ने घटना के बाद पूरे ट्रॉमा सेंटर को अस्थायी रूप से खाली करा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जांच पूरी होने तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को बख्शा न जाने की बात कही है।



