छत्तीसगढ़ में देशी शराब की कीमतों में नहीं हुआ इजाफा

रायपुर, 1 अप्रैल 2026। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने देशी शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। आबकारी विभाग ने निर्माता कंपनियों के साथ चर्चा और मोलभाव के बाद पिछले वर्ष की दरों को ही जारी रखने का निर्णय लिया है।
सरकार द्वारा तय किए गए नए आदेश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक पूरे प्रदेश में देशी मदिरा पुराने रेट पर ही उपलब्ध रहेगी। यह निर्णय वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि दरें आबकारी नियम 2018 के तहत निर्धारित की गई हैं।
ये रहेंगी नई दरें
मसाला और प्लेन दोनों प्रकार की देशी शराब के लिए कीमतें यथावत रखी गई हैं। मसाला 25 यूपी की क्वार्ट, पिन्ट और निप की कीमत क्रमशः 400, 200 और 100 रुपये तय की गई है। वहीं प्लेन 50 यूपी के लिए क्वार्ट 320 रुपये, पिन्ट 160 रुपये और निप 80 रुपये में मिलेगी। यानी आम तौर पर मिलने वाला पौवा 80 और 100 रुपये में ही उपलब्ध रहेगा।
पुराने स्टॉक पर नए स्टीकर जरूरी
सरकार ने सभी कलेक्टरों और आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लाइसेंसधारियों को नई दरों की जानकारी दें। साथ ही 1 अप्रैल तक दुकानों में मौजूद पुराने स्टॉक पर नए रेट के स्टीकर लगाने के बाद ही बिक्री की अनुमति होगी। हर बोतल पर खुदरा विक्रय मूल्य अंकित करना अनिवार्य किया गया है।
विदेशी शराब की कीमतों पर अभी फैसला बाकी
आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार, अंग्रेजी और विदेशी शराब की दरों को लेकर भी कंपनियों के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है। करीब 90 ब्रांड्स के लिए ग्लोबल टेंडर के जरिए मोलभाव किया गया है। हालांकि, इनकी नई कीमतों को लेकर अंतिम निर्णय अभी शासन स्तर पर लंबित है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, जबकि आने वाले समय में विदेशी शराब की कीमतों को लेकर भी स्थिति साफ होने की उम्मीद है।



