बागेश्वर धाम को विदेशी फंड की मंजूरी, केंद्र ने दिया FCRA रजिस्ट्रेशन

“केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था को बड़ी राहत देते हुए विदेशी फंड लेने की अनुमति दे दी है। अब यह संस्था कानूनी रूप से विदेशों से चंदा प्राप्त कर सकेगी।”
नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026। केंद्र सरकार ने Bageshwar Dham Jan Seva Samiti को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत रजिस्ट्रेशन प्रदान कर दिया है। इस फैसले के बाद संस्था अब विदेशों से मिलने वाले दान को वैध रूप से स्वीकार कर सकेगी।
यह संस्था Dhirendra Krishna Shastri के नेतृत्व में संचालित होती है, जो बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के रूप में देशभर में प्रसिद्ध हैं।
अब विदेशी फंड लेने का रास्ता साफ
अब तक संस्था को विदेश से फंड लेने की अनुमति नहीं थी, लेकिन FCRA रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद यह बाधा दूर हो गई है। भारत में किसी भी एनजीओ या धार्मिक-सामाजिक संस्था को विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
इसका उद्देश्य विदेशी फंड के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना और उसके दुरुपयोग को रोकना है।
कई क्षेत्रों में मिला रजिस्ट्रेशन
बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को धार्मिक (हिंदू), सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रजिस्ट्रेशन दिया गया है। इसका मतलब है कि संस्था अब इन सभी क्षेत्रों में कार्यों के लिए विदेशों से आर्थिक सहयोग प्राप्त कर सकती है।
गतिविधियों के विस्तार की संभावना
बागेश्वर धाम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में अनुयायियों के बीच लोकप्रिय है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सरकार से मिली इस मंजूरी के बाद संस्था की गतिविधियों के और विस्तार की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आर्थिक सहयोग मिल सकेगा।



