गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर मंथन, डॉ. अखिल जैन ने दिया मार्गदर्शन
‘मेरा परिवार गौव्रती’ अभियान 1 मई से

रायपुर, 17 अप्रैल 2026। राजधानी के पंडरी स्थित संघ कार्यालय में गुरुवार को प्रदेश स्तरीय गौशाला संचालक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गौशालाओं के संचालन, आत्मनिर्भरता और 1 मई से शुरू होने वाले ‘मेरा परिवार गौव्रती’ अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक जागृति मंडल, पंडरी में आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर के गौशाला और गौधाम संचालकों ने हिस्सा लिया।
आत्मनिर्भरता पर जोर
बैठक में गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर मंथन किया गया। संचालन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने गौ सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे और संचालकों को मार्गदर्शन दिया।
अक्षय तृतीया पर गौ उत्पाद विक्रय दिवस
चर्चा के दौरान अक्षय तृतीया के अवसर पर देशभर में ‘गौ उत्पाद विक्रय दिवस’ मनाने की तैयारी पर भी बात हुई। इसके जरिए गौशालाओं के लिए आय के नए स्रोत विकसित करने पर जोर दिया गया।
साथ ही भूमि सुपोषण अभियान और समाज के अधिक लोगों को गौ सेवा से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
अभियान से बढ़ेगी जनभागीदारी
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा परिवार गौव्रती’ अभियान 1 मई से पूरे प्रदेश में शुरू होगा। इसका उद्देश्य हर परिवार को गौ सेवा से जोड़ना है, ताकि गौशालाओं को स्थायी आर्थिक और सामाजिक सहयोग मिल सके।
इस अभियान के तहत लोग नियमित सहयोग, सेवा और गौ उत्पादों के उपयोग के माध्यम से भागीदारी कर सकेंगे।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेश्वर पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश की गौशालाओं के संचालन में सुधार आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।



