छत्तीसगढ़

नामांतरण के नाम पर 2.50 लाख की ठगी, कोर्ट के आदेश पर 4 के खिलाफ FIR

दुर्ग, 4 अगस्त 2026। पैतृक कृषि भूमि का नामांतरण कराने का झांसा देकर 2.50 लाख रुपये की कथित ठगी करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक न्यास भंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज किया गया है।

कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला

पद्मनाभपुर थाना पुलिस के अनुसार, एमआईजी-60, पद्मनाभपुर निवासी मनीष उपाध्याय (45) ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 408 और 420 (वर्तमान भारतीय न्याय संहिता की समतुल्य धाराओं सहित) के तहत अपराध पाया और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

नामांतरण कराने का दिया भरोसा

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी माता की पैतृक कृषि भूमि ग्राम बजरंगपुर, नवागांव, जिला राजनांदगांव में स्थित है। आरोपियों ने जमीन का नामांतरण कराने और स्वामित्व दिलाने का भरोसा देते हुए कागजी कार्रवाई एवं अन्य खर्चों के नाम पर 2.50 लाख रुपये मांगे।

आरटीजीएस से भेजी गई रकम

परिवादी का आरोप है कि वर्ष 2022 में आरोपियों के कहने पर उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से 2.50 लाख रुपये उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए। राशि लेने के बावजूद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और लगातार झूठे आश्वासन देकर टालमटोल किया जाता रहा।

मानसिक तनाव के बीच बिगड़ी तबीयत

शिकायतकर्ता ने बताया कि लंबे समय तक काम नहीं होने और लगातार गुमराह किए जाने से वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गए। इसी दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ, कई दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा और बाद में उनके शरीर के बाएं हिस्से में लकवा हो गया। चिकित्सकीय परीक्षण में उन्हें 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांग घोषित किया गया।

रकम लौटाने की मांग भी बेअसर

स्वस्थ होने के बाद उन्होंने कई बार फोन, व्हाट्सएप संदेश और व्यक्तिगत रूप से आरोपियों से पैसे वापस मांगे, लेकिन न तो राशि लौटाई गई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।

पहले पुलिस से शिकायत, फिर कोर्ट पहुंचे

परिवादी का आरोप है कि उन्होंने पद्मनाभपुर थाना, पुलगांव थाना और पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

पुलिस ने शुरू की जांच

न्यायालय के आदेश के पालन में पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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