इंद्रावती पार कर स्वास्थ्य टीम पहुँची नूगुर, 642 ग्रामीणों की जांच कर जगाई नई उम्मीद

बीजापुर, 22 मई 2026। जिले के अत्यंत दुर्गम और अंदरुनी क्षेत्र नूगुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बी.आर. पुजारी के नेतृत्व में विकासखंड भैरमगढ़ अंतर्गत यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें तीन गांवों के 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए इंद्रावती नदी पार कर नूगुर और उसके आश्रित गांवों तक पहुंच बनाई। उप स्वास्थ्य केंद्र नूगुर विकासखंड मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां पहुंचने के लिए करीब 2 किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करनी पड़ती है। लंबे समय तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और दुर्गमता के कारण सरकारी योजनाओं से दूर रहा, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य शिविर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर दीपक कुमार देवांगन, सेक्टर सुपरवाइजर के.पी. बीरवंश, आरएचओ अतुल कुशवाह और राजू पुंगेठी, एएनएम रीता फुलमादरी, सीएचओ दीप्ति खेस और आकृति भगत सहित स्वास्थ्य अमले ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने ग्राम नूगुर, हिंगमेटा और हुर्रागवाली में स्वास्थ्य जांच के साथ टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी।
ग्रामीणों में अब स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसा बढ़ता दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार पहले लोग जांच और टीकाकरण से कतराते थे, लेकिन अब स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य परीक्षण और बच्चों का नियमित टीकाकरण करा रहे हैं।
शिविर के दौरान ग्राम नूगुर में 207, हिंगमेटा में 125 और हुर्रागवाली में 310 लोगों की जांच की गई। इनमें एनसीडी स्क्रीनिंग, बुखार, खुजली और अन्य सामान्य बीमारियों की जांच शामिल रही। मरीजों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं, जबकि गंभीर मरीजों को आगे उपचार के लिए सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और शासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास भी मजबूत किया है।



