व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को मार गिराया

वॉशिंगटन, 24 मई 2026। White House के पास शनिवार शाम हुई गोलीबारी से अमेरिकी राजधानी में हड़कंप मच गया। हथियारबंद हमलावर ने व्हाइट हाउस के नजदीक अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद United States Secret Service के अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया। इस घटना में एक राहगीर भी घायल हो गया, जबकि उस समय व्हाइट हाउस में मौजूद Donald Trump पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास हुई, जो व्हाइट हाउस और Eisenhower Executive Office Building के नजदीक का बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है।
सीक्रेट सर्विस के चीफ ऑफ कम्युनिकेशंस एंथनी गुग्लिएल्मी के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपने बैग से हथियार निकालकर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें हमलावर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के दौरान एक आम नागरिक को भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। हालांकि उसकी स्थिति को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीक्रेट सर्विस के किसी अधिकारी को चोट नहीं आई।
फायरिंग के बाद पूरे व्हाइट हाउस परिसर को कुछ समय के लिए लॉकडाउन कर दिया गया। हथियारबंद एजेंटों को नॉर्थ लॉन में तैनात किया गया और पत्रकारों व स्टाफ को तत्काल प्रेस ब्रीफिंग रूम में पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद पत्रकारों ने बताया कि लगातार कई गोलियों की आवाजें सुनाई दीं।
सुरक्षा एजेंट लगातार लोगों को “नीचे झुको” और “गोली चल रही है” जैसी चेतावनियां दे रहे थे। वहीं फोटोग्राफर एलिसन रॉबर्ट ने दावा किया कि उन्होंने करीब 20 से 30 गोलियों की आवाज सुनी।
घटना के बाद Federal Bureau of Investigation भी जांच में शामिल हो गई है। एफबीआई डायरेक्टर Kash Patel ने कहा कि एजेंसी सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है।
फिलहाल हमलावर की पहचान और हमले के पीछे की मंशा का खुलासा नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या अकेले अंजाम दिया गया था।
घटना के बाद कई घंटों तक व्हाइट हाउस के आसपास की सड़कें बंद रहीं और इलाके में भारी सुरक्षा तैनात की गई। इस सनसनीखेज फायरिंग ने अमेरिका की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



