छत्तीसगढ़

कामधेनु माता ‘सौम्या’ का देवलोक गमन, खैरागढ़ में आज अंतिम दर्शन व समाधि यात्रा

खैरागढ़, 10 जुलाई 2026। विश्व रिकॉर्ड में दर्ज 54 इंच लंबी पूंछ वाली पूज्य कामधेनु माता “सौम्या” का आज तड़के 2:27 बजे लगभग 23 वर्ष की आयु में खैरागढ़ स्थित मनोहर गौशाला में संथारापूर्वक देवलोक गमन हो गया। उनके निधन से गौसेवा और जीवदया से जुड़े श्रद्धालुओं में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार, अंतिम समय में कामधेनु माता सौम्या प्रभु वाणी, णमोकार मंत्र एवं भक्तामर स्तोत्र का श्रवण करते हुए शांत भाव से देह त्याग कर गईं। उनका जीवन गौसेवा, करुणा, अहिंसा और जीवदया के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता रहा।

मनोहर गौशाला परिवार के अनुसार, अपने जीवनकाल में पूज्य सौम्या माता ने लगभग 142 जैन साधु-साध्वी भगवंतों तथा अनेक आचार्यों से मांगलिक एवं णमोकार मंत्र का श्रवण किया। उन्हें सैकड़ों वैदिक संतों का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ। प्रदेश के तीन राज्यपालों सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी उनके दर्शन किए थे। पिछले आठ वर्षों में 30 हजार से अधिक श्रद्धालु उनके दर्शन कर चुके हैं।

श्रद्धालुओं के लिए आज मनोहर गौशाला, खैरागढ़ में अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। वहीं, दोपहर 12:36 बजे मनोहर गौशाला परिसर से उनकी समाधि यात्रा निकलेगी, जो जीरावला मनोहर जीवदया धाम पहुंचेगी। यहां विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक पूज्य कामधेनु माता सौम्या की समाधि संपन्न की जाएगी।

मनोहर गौशाला परिवार एवं समस्त जीवदया प्रेमियों ने श्रद्धालुओं से अंतिम दर्शन एवं समाधि यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

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