छत्तीसगढ़

खरीदी दर घटाना सोलर उपभोक्ताओं के साथ ‘ठगीपूर्ण अन्याय’ : कन्हैया

रायपुर, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा सोलर बिजली की खरीदी दर घटाने के प्रस्तावित निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए इसे सोलर उपभोक्ताओं के साथ “ठगीपूर्ण अन्याय” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर आम जनता को महंगी दर पर बिजली बेच रही है, वहीं दूसरी ओर सौर ऊर्जा उत्पादन करने वाले उपभोक्ताओं से बेहद कम कीमत पर बिजली खरीदने की तैयारी कर रही है।

कन्हैया अग्रवाल ने जारी बयान में कहा कि पहले सोलर उपभोक्ताओं से बिजली 2.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाती थी, जिसे अब घटाकर 1.94 रुपये प्रति यूनिट करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह नीति “बेचेंगे महंगा, खरीदेंगे सस्ता” वाली मानसिकता को दर्शाती है और इससे सोलर ऊर्जा अपनाने वाले हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले से ही बिजली की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है और कई क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। ऐसे समय में जो नागरिक अपने निजी खर्च से सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं और सरकार के बिजली तंत्र पर भार कम करने में सहयोग दे रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाय हतोत्साहित किया जा रहा है।

कांग्रेस महामंत्री ने सवाल उठाया कि जब सरकार आम उपभोक्ताओं को औसतन 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रही है, तो सोलर उत्पादकों से मात्र 1.94 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदना किस प्रकार न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सोलर उपभोक्ताओं का भरोसा टूटेगा, बल्कि राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में भी नकारात्मक संदेश जाएगा।

कन्हैया अग्रवाल ने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सोलर बिजली की खरीदी दर को कम करने के बजाय महंगाई और बढ़ती लागत को देखते हुए उसमें वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी सोलर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

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