पदमनाभपुर गणेशोत्सव 2026: रामेश्वरम तीर्थ की भव्य झांकी बनेगी आकर्षण
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और दुर्ग सांसद विजय बघेल ने किया भूमिपूजन

दुर्ग, 3 अगस्त 2026। पदमनाभपुर मिनी स्टेडियम में इस वर्ष आयोजित होने वाला गणेशोत्सव एक बार फिर भव्यता और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम बनने जा रहा है। दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति ने रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन कर उत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और दुर्ग सांसद विजय बघेल ने संयुक्त रूप से पूजन कर आयोजन की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
भूमिपूजन कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी विश्वास चंद्राकर, नगर निगम एमआईसी सदस्य नीलेश अग्रवाल, पार्षद संजय अग्रवाल, लीलाधर पाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष भगवान गणेश की स्थापना रामेश्वरम तीर्थ की भव्य थीम पर तैयार किए जा रहे विशाल पंडाल में की जाएगी। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है और आयोजन की सभी तैयारियां अभी से तेज गति से शुरू कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि यह समिति का लगातार दूसरा वर्ष है और इस बार श्रद्धालुओं को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव एक साथ मिलेगा। पंडाल में रामेश्वरम मंदिर, धनुषकोटी, रामसेतु, श्रीलंका द्वीप का प्रतीकात्मक स्वरूप, 22 पवित्र तीर्थकुंड, अग्नि तीर्थम तथा विश्व प्रसिद्ध 1008 स्तंभों वाले मंदिर परिसर की आकर्षक झांकियां तैयार की जाएंगी।
आयोजन में धार्मिक झांकियों के साथ-साथ भगवान शिव की भस्म आरती, यूनेस्को विश्व धरोहर की अवधारणा से प्रेरित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नशा मुक्ति जनजागरण चलचित्र, तथा स्वच्छता एवं जल संरक्षण जैसे सामाजिक संदेश भी प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
समिति ने बताया कि भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा का निर्माण इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आंधी गांव के अनुभवी मूर्तिकारों द्वारा किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव के साथ रत्नाकर राव, राजेश शर्मा, राजेंद्र सिंह भाटिया, पवन चंद्राकर, संतोष खिरोड़कर, चंचल सेठिया, धनेंद्र सिंह चंदेल, धीरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।
समिति का कहना है कि इस बार का गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि संस्कृति, आध्यात्म और सामाजिक जागरूकता का भी एक भव्य संगम बनेगा।


