छत्तीसगढ़

औषधि निर्माण से मरीजों के उपचार तक, आयुर्वेद छात्रों ने लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

रायपुर, 6 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के द्वितीय प्रोफेशनल के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण ने उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा की व्यावहारिक बारीकियों से रूबरू कराया। विद्यार्थियों ने ओडिशा के बरगढ़ जिले स्थित श्री श्री नृसिंह नाथ आयुर्वेदिक कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पैकमल का दौरा कर औषधि निर्माण, अस्पताल प्रबंधन और आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।

औषधि निर्माण प्रक्रिया को करीब से समझा

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों की जानकारी दी गई। संस्थान की प्रयोगशाला में उन्हें दवाइयों के निर्माण की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई, जिससे पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

अस्पताल में मरीजों से मिलकर जाना उपचार का व्यावहारिक पक्ष

विद्यार्थियों ने संस्थान के अस्पताल का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने उपचाराधीन मरीजों से संवाद कर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के व्यावहारिक पहलुओं को समझा। इस अनुभव ने उन्हें भविष्य में बेहतर चिकित्सक बनने की प्रेरणा दी।

छात्रों ने बताया यादगार अनुभव

विद्यार्थियों ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण ने उन्हें किताबों से आगे बढ़कर आयुर्वेद चिकित्सा को वास्तविक रूप में समझने का अवसर दिया। उन्होंने इसे अपने शैक्षणिक और चिकित्सकीय जीवन के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव बताया।

शिक्षकों का रहा विशेष मार्गदर्शन

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डॉ. विमल कुमार बरेठ, डॉ. अनिल कुमार पैकरा, डॉ. नीरज कुमार साहू, डॉ. निसर्ग आर.एम. और डॉ. मोनिका वर्मा ने संभाली। शिक्षकों ने पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

छात्र प्रतिनिधियों ने निभाई अहम भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र प्रतिनिधि कर्तव्य पांडेय और मुकेश चंद्रवंशी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय क्षेत्र से होने के कारण कर्तव्य पांडेय ने संस्थान और स्थानीय लोगों से समन्वय स्थापित कर भ्रमण को सहज और व्यवस्थित बनाने में विशेष भूमिका निभाई।

धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का भी किया भ्रमण

शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों ने भगवान नृसिंह नाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी ने कपिल धारा पहाड़ पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।

इस शैक्षणिक यात्रा ने विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक चिकित्सा, औषधि निर्माण, अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के उपचार की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने इसे अपने अध्ययनकाल की सबसे यादगार और ज्ञानवर्धक यात्राओं में से एक बताया।

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