छत्तीसगढ़

हाउसिंग बोर्ड के ₹500 शुल्क पर भड़के जोराताल के रहवासी

बोले- सुविधाएं नहीं, फिर सफाई और भू-संधारण के नाम पर वसूली क्यों?

कवर्धा, 11 अगस्त 2026। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जोराताल में प्रतिमाह ₹500 शुल्क वसूली के आदेश को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। कॉलोनीवासियों के मुताबिक ₹300 जलकर और ₹200 साफ-सफाई/भू-संधारण शुल्क लिया जाना है, जबकि कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

रहवासियों का आरोप है कि ₹200 सफाई शुल्क लिए जाने के बावजूद नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। कई जगह झाड़-झंखाड़ और खरपतवार जमा हैं। स्ट्रीट लाइट, सड़क और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें हैं।

30 साल की राशि जमा, फिर भू-संधारण शुल्क पर सवाल

कॉलोनीवासियों ने कहा कि मकान आवंटन और प्री-होल्ड के समय 30 वर्षों के लिए निर्धारित राशि एकमुश्त जमा कराई जा चुकी है। ऐसे में अब अतिरिक्त ₹200 मासिक भू-संधारण शुल्क किस नियम और आधार पर लगाया गया है, इसका जवाब हाउसिंग बोर्ड से मांगा गया है। उनका कहना है कि 2014 से सितंबर 2025 तक यह शुल्क नहीं लिया जाता था।

₹180 की जगह ₹300 जलकर क्यों?

जलकर को लेकर भी रहवासियों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका परिषद कवर्धा में जलकर ₹180 है, जबकि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ₹300 वसूला जा रहा है। शुल्क निर्धारण का आधार और नियम सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

गार्डन, दुकान और स्कूल का वादा भी अधूरा

रहवासियों के मुताबिक कॉलोनी में गार्डन, दुकान और स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के वादे लंबे समय से पूरे नहीं हुए हैं। वहीं, LIG मकानों में रहने वाले निम्न और मध्यमवर्गीय परिवारों पर नए शुल्क का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

पहले सुविधाएं, फिर शुल्क वसूली की मांग

कॉलोनीवासियों ने शासन और हाउसिंग बोर्ड के उच्च अधिकारियों से ₹500 मासिक शुल्क के आदेश की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही नियमित सफाई, नालियों की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है। रहवासियों का कहना है कि शुल्क वसूली से पहले कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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