छत्तीसगढ़

साइबर ठगी से बचने का पाठ: पुलिस ने छात्रों को बताए डिजिटल सुरक्षा के तरीके

रायपुर, 20 अगस्त 2026। बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत थाना टिकरापारा क्षेत्र के बोरियाखुर्द स्थित शासकीय हाई स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताए और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की समझाइश दी।

फर्जी लिंक और संदिग्ध कॉल से रहें सावधान

थाना प्रभारी राजेश मरई के निर्देशन में प्रशिक्षु उप निरीक्षक नागेश्वर साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मुकेश वारे एवं वरिष्ठ आरक्षक भारतेंद्र साहू ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, संदिग्ध फोन कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल लेन-देन से जुड़े जोखिमों के बारे में समझाया गया।

पुलिस ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत

पुलिस टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

विद्यार्थियों को मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े खातों की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड रखने तथा डिजिटल गतिविधियों में सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई।

शिक्षकों और छात्रों ने लिया जागरूकता का संकल्प

कार्यक्रम में थाना टिकरापारा से प्रधान आरक्षक रामनारायण पटेल एवं वरिष्ठ आरक्षक विमलेश मालेकर भी उपस्थित रहे। विद्यालय की ओर से प्राचार्य एस.के. साव ने कार्यक्रम का संचालन किया और साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी बताते हुए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

पुलिस ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों से अपील की कि अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करें।

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