आर्थिक तंगी बनी अंतिम सफर में बाधा, शकुंतला फाउंडेशन ने बढ़ाया मदद का हाथ

रायपुर, 25 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में बाल हृदय रोग से पीड़ित एक मासूम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण परिजन बच्चे के पार्थिव देह को उसके गृह ग्राम मलकानगिरी, ओडिशा तक ले जाने में असमर्थ थे। ऐसे कठिन समय में शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
परिवार की पीड़ा की जानकारी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता सिंह को मिलते ही उन्होंने तत्काल सहयोग की पहल की। उनके प्रयासों से रोटरी क्लब ऑफ रायपुर सुप्रीम के संस्थापक एवं चार्टर प्रेसिडेंट रोटे. एस. के. श्रीवास्तव, समाजसेविका मुस्कान खंडेलवाल सहित अन्य सहयोगियों के संयुक्त प्रयास से एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।
एम्बुलेंस के माध्यम से मासूम के पार्थिव देह को पूरे सम्मान के साथ रायपुर से उसके गृह ग्राम मलकानगिरी, ओडिशा तक पहुंचाया गया। इस सहयोग से परिवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने में बड़ी राहत मिली।
इस कठिन और दुखद घड़ी में मिली सहायता के लिए परिजनों ने शकुंतला फाउंडेशन, रोटरी क्लब ऑफ रायपुर सुप्रीम के अध्यक्ष रोटे. श्री एस. के. श्रीवास्तव, मुस्कान खंडेलवाल, गोविंद अग्रवाल, महेश दुबे, विवेक सोलंकी, विजयलक्ष्मी नायडू, मनीष अग्रवाल और अनुश्रीका के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि संकट की घड़ी में किया गया छोटा-सा सहयोग भी किसी असहाय परिवार के लिए बेहद बड़ा सहारा बन सकता है।



