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शुद्धि आंदोलन सिर्फ इतिहास नहीं, सांस्कृतिक चेतना की विरासत : प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

शुद्धि आंदोलन के 100 साल: प्रबल जूदेव ने उठाया घरवापसी और सांस्कृतिक जागरण का मुद्दा

पुडुचेरी/रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। पुडुचेरी लिट फेस्ट 2026 में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने ‘Shuddhi Movement at 100: Is That Enough?’ विषय पर अपने विचार रखे। सत्र में पत्रकार एवं लेखिका स्वाति गोयल शर्मा भी सहभागी रहीं। फेस्टिवल के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार यह सत्र 27 सितंबर को आयोजित हुआ।

जूदेव ने शुद्धि आंदोलन के प्रमुख प्रवर्तक स्वामी श्रद्धानंद को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने आंदोलन को संगठित और व्यापक स्वरूप देकर लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ने का कार्य किया। उनके अनुसार, शुद्धि आंदोलन ने भारत की सांस्कृतिक चेतना, परंपराओं और पहचान को जीवंत बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

‘एक सदी बाद भी संवाद की जरूरत’

जूदेव ने कहा कि शुद्धि आंदोलन की विरासत को केवल इतिहास के एक अध्याय के रूप में देखने के बजाय भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक सदी बाद भी इस विषय पर गंभीर और तथ्याधारित संवाद होना जरूरी है।

उन्होंने ‘घरवापसी’ को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से दोबारा जुड़ने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया। जूदेव के मुताबिक, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में सामाजिक जागरण, संवाद और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना उनके प्रयासों का हिस्सा है।

धर्म स्वतंत्रता विधेयक का भी किया जिक्र

जूदेव ने छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026 को विधानसभा से पारित किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे जबरन, प्रलोभन या धोखे से होने वाले धर्मांतरण के खिलाफ महत्वपूर्ण विधायी कदम बताया और इसे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जोड़ा।

बस्तर में विकास और संस्कृति पर जोर

बस्तर में नक्सल हिंसा में कमी का उल्लेख करते हुए जूदेव ने कहा कि शांति और स्थिरता के माहौल में जनजातीय समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने की जरूरत है। उन्होंने विकास के साथ बस्तर की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय पहचान के संरक्षण पर भी जोर दिया।

अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के बीच सामाजिक जागरण और घरवापसी का कार्य उनके लिए लगातार जारी रहने वाला संकल्प है।

कई प्रमुख हस्तियों ने लिया हिस्सा

पुडुचेरी लिट फेस्ट 2026 में विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष, प्रो. आनंद रंगनाथन और पूर्व R&AW प्रमुख विक्रम सूद समेत कई वक्ता फेस्टिवल का हिस्सा रहे।

फेस्टिवल का आयोजन 25 से 27 सितंबर तक पुडुचेरी में हुआ, जिसमें साहित्य, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, रणनीति और समकालीन विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।

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