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Project Meridian: भविष्य की जंग के लिए एलन मस्क को पेंटागन की बड़ी जिम्मेदारी

वाशिंगटन/नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। अमेरिका ने भविष्य के युद्ध की बदलती तकनीक और सैन्य जरूरतों का आकलन करने के लिए ‘Project Meridian’ नाम से नई पहल शुरू की है। इस 120 दिन की परियोजना में टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क, रक्षा तकनीक कंपनी एंड्यूरिल के सह-संस्थापक पामर लकी और अमेरिका के पूर्व हाउस स्पीकर न्यूट गिंगरिच को सह-प्रमुख बनाया गया है।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने वर्जीनिया के क्वांटिको स्थित मरीन कॉर्प्स बेस में ‘स्टेट ऑफ द फोर्स’ संबोधन के दौरान इस पहल की घोषणा की। परियोजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों और दशकों में अमेरिकी सेना को किन हथियारों, तकनीकों और सैन्य क्षमताओं की जरूरत होगी, इसकी पहचान करना है।

धरती के नीचे से चंद्रमा के आगे तक होगा फोकस

हेगसेथ के मुताबिक, Project Meridian का मकसद नई सैन्य रणनीति या नीतियां तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के युद्धक्षेत्रों और उन क्षमताओं की पहचान करना है जिनमें अमेरिकी सेना को महारत हासिल करनी होगी। परियोजना के दायरे में धरती के नीचे के क्षेत्र से लेकर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के सिस्लूनर स्पेस तक के संभावित युद्धक्षेत्र शामिल हैं।

परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियां, रोबोटिक्स, निर्देशित ऊर्जा और बायोटेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों पर भी ध्यान दिया जाएगा। टीम भविष्य में सैनिकों के लिए जरूरी हथियारों और सैन्य प्रणालियों की पहचान के साथ उनके विकास, परीक्षण और तैनाती के विकल्पों पर भी सुझाव देगी।

मस्क और पामर लकी की कंपनियां पहले से रक्षा क्षेत्र में सक्रिय

पेंटागन के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एमिल माइकल इस परियोजना की निगरानी करेंगे। उनके साथ सरकार, उद्योग, अकादमिक क्षेत्र और नीति विशेषज्ञों की टीम भी काम करेगी।

मस्क और लकी की भागीदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनकी कंपनियां अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ पहले से काम कर रही हैं। स्पेसएक्स अमेरिकी सरकार के लिए सैटेलाइट लॉन्च और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मिशनों में काम करता है, जबकि एंड्यूरिल स्वायत्त सैन्य प्रणालियों, ड्रोन और अन्य रक्षा तकनीकों का विकास करती है।

120 दिनों में आएगी रिपोर्ट

प्रोजेक्ट मेरिडियन को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 120 दिन दिए गए हैं। रिपोर्ट का एक सार्वजनिक हिस्सा जारी किया जाएगा, जबकि कुछ निष्कर्षों को वर्गीकृत यानी क्लासीफाइड एनेक्स में रखा जाएगा। परियोजना का लक्ष्य भविष्य के युद्ध में अमेरिकी सेना की तकनीकी जरूरतों को पहले से पहचानना और नई प्रणालियों के विकास की दिशा तय करना है।

स्वायत्त युद्ध पर भी अमेरिका का जोर

प्रोजेक्ट मेरिडियन की घोषणा के साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग ने Autonomous Warfare Command स्थापित करने की योजना भी घोषित की है। इसका उद्देश्य ड्रोन, रोबोट और अन्य स्वायत्त सैन्य प्रणालियों के विकास और तैनाती को तेज करना है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भविष्य की सैन्य तैयारियों में मानव रहित और स्वायत्त तकनीकों को अधिक महत्व दे रहा है।

प्रोजेक्ट में शामिल तीनों सह-प्रमुखों—मस्क, लकी और गिंगरिच—की सैन्य सेवा पृष्ठभूमि नहीं है। इसके बावजूद उन्हें भविष्य की सैन्य तकनीक और युद्धक्षेत्र की जरूरतों का आकलन करने वाली इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

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