छत्तीसगढ़

छठ महापर्व के अवसर पर आमातालाब घाट पर भव्य आराधना

डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ेंगे श्रद्धालु

रायपुर, 27 अक्टूबर 2025। सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा राजधानी रायपुर में पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से आरंभ हुआ यह पर्व कार्तिक शुक्ल सप्तमी तक चलता है। राजधानी के आमातालाब घाट में छठ पूजा की भव्यता और श्रद्धा के लिए विशेष पहचान है।

रायपुर विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि शनिवार 25 अक्टूबर से “नहाय-खाय” के साथ व्रत की शुरुआत हो चुकी है। इस दिन व्रती स्नान कर शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। इसके बाद निर्जला व्रत शुरू होता है। इस अवसर पर राजधानी की महिलाएं छठ प्रसाद — ठेकुआ, कसार, फल और दूध जैसे पारंपरिक प्रसाद — बनाने में जुटी हैं।

छठ पर्व के दौरान व्रती और परिवार के सदस्य पूर्ण सात्विकता का पालन करते हैं। घरों में पूजा के लिए अलग चूल्हे और बर्तन का प्रयोग किया जाता है तथा लहसुन-प्याज का सेवन वर्जित होता है।

इस बार 27 अक्टूबर (कार्तिक शुक्ल षष्ठी) को शाम 6:30 बजे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि 28 अक्टूबर (कार्तिक शुक्ल सप्तमी) को प्रातः 6:00 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया जाएगा।

आमातालाब घाट पर छठ पूजन हेतु घाट की सफाई, विद्युत सज्जा, पूजन व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। समाज के युवा वर्ग — सूरज शर्मा, विनय शर्मा, रोहित विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा, शंकर शर्मा, सुनील शर्मा, सन्नी शर्मा, आकाश शर्मा और अन्य सदस्यों ने तैयारी में विशेष योगदान दिया है।

आयोजकों ने सभी समाजों और परिवारों से इस आस्था के महापर्व में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आग्रह किया है, ताकि सूर्य उपासना का यह पर्व श्रद्धा, एकता और उत्साह के साथ मनाया जा सके।

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