छत्तीसगढ़

राजधानी में फॉगिंग पस्त, मच्छर मस्त: बढ़ते प्रकोप से नागरिक त्रस्त

मच्छर पकड़कर नगर निगम पहुंचा नागरिक...

रायपुर, 20 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब आम नागरिक खुद मच्छर पकड़कर नगर निगम कार्यालय तक पहुंचने लगे हैं। जोन 5 के वामन राव लाखे वार्ड अंतर्गत गोपिया पारा, दंतेश्वरी मंदिर के पास रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने एक जीवित मच्छर पकड़कर नगर निगम मुख्यालय में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा और मच्छरों से निजात दिलाने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता इतनी परेशान है कि अब डेंगू फैलाने वाले मच्छर पकड़कर शिकायत करने आ रही है, लेकिन निगम के अधिकारी बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि एक तरफ ‘स्वच्छ रायपुर, सुंदर रायपुर’ के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। राजधानी का यह हाल है तो पूरे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

विजय सोना ने बताया कि उनके घर के आसपास मच्छरों का प्रकोप बेहद बढ़ गया है। उन्होंने कई बार जोन अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मच्छर के काटने से उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो चुकी है। मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने पकड़े गए मच्छर को लिली चौक के पास डॉक्टर सोनकर को भी दिखाया।

विशेष सफाई अभियान की मांग
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि नगर निगम की फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव की मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिसके कारण मच्छरों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जोन 5 सहित पूरे शहर में तत्काल विशेष सफाई अभियान और नियमित फॉगिंग कराने की मांग की। इसे रायपुर नगर निगम की भाजपा शासित व्यवस्था की विफलता बताते हुए उन्होंने कहा कि अब विपक्ष जनता की समस्याओं को सड़क तक ले जाने को मजबूर है।

स्वास्थ्य अधिकारी का पक्ष
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मच्छर की जांच कराई गई थी, जिसमें वह सामान्य मच्छर पाया गया है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा लगातार डेंगू नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। पिछले साल शहर में 68 डेंगू के मरीज सामने आए थे, जबकि इस साल अब तक 18 मरीज मिले हैं। डॉ. तृप्ति के अनुसार, लगातार प्रयासों से डेंगू के मामलों में काफी कमी आई है।

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