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12 साल की सत्ता, कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड: अब मोदी के सामने अगला बड़ा लक्ष्य

“12 साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राजनीतिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। अब उनकी नजर उन ऐतिहासिक कीर्तिमानों पर है, जो अभी भी भारतीय राजनीति में अटूट बने हुए हैं”

नई दिल्ली, 8 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता में 12 वर्ष पूरे करने के साथ भारतीय राजनीति में कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं, जो दशकों तक कायम रहे थे। सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहने से लेकर लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतने तक, मोदी ने कई राजनीतिक मील के पत्थर स्थापित किए हैं। हालांकि, कुछ बड़े रिकॉर्ड अभी भी उनके सामने चुनौती बने हुए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबा कार्यकाल शामिल है।

सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल

22 मार्च 2026 को नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में राज्य और केंद्र स्तर को मिलाकर सबसे लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व करने वाले नेता बन गए। उन्होंने इस मामले में सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

मोदी के इस रिकॉर्ड में गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनका संयुक्त कार्यकाल शामिल है।

  • गुजरात के मुख्यमंत्री: अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक
  • भारत के प्रधानमंत्री: मई 2014 से वर्तमान तक

लगातार सत्ता में बने रहने के कारण उन्होंने 8,930 दिनों से अधिक का कार्यकाल पूरा कर लिया।

सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का रिकॉर्ड काफी पहले पीछे छोड़ दिया था।

इसके अलावा मोदी पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार दो आम चुनावों (2014 और 2019) में पूर्ण बहुमत हासिल किया।

लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बराबरी कर ली।

हालांकि दोनों के रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण अंतर है। नेहरू 1947 में स्वतंत्रता के बाद प्रधानमंत्री बने थे, जबकि पहली बार आम चुनाव 1952 में हुए थे। दूसरी ओर, मोदी तीनों बार सीधे आम चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने हैं।

इस लिहाज से लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार प्रधानमंत्री बने रहने की अवधि में मोदी अब नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच चुके हैं।

कौन से रिकॉर्ड अभी बाकी हैं?

नेहरू का सबसे लंबा प्रधानमंत्री कार्यकाल

प्रधानमंत्री पद पर कुल अवधि के मामले में जवाहरलाल नेहरू अब भी शीर्ष पर हैं।

  • नेहरू का कार्यकाल: 16 वर्ष 286 दिन (6,131 दिन)
  • मोदी का वर्तमान कार्यकाल: लगभग 12 वर्ष

यदि नरेंद्र मोदी 2029 का लोकसभा चुनाव जीतते हैं और 2030 के अंत तक प्रधानमंत्री बने रहते हैं, तो वह नेहरू का यह रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड दूर

हालांकि मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 वर्षों से अधिक समय तक शासन किया, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड अभी भी अन्य नेताओं के नाम है।

  • पवन कुमार चामलिंग: 24 वर्ष 165 दिन
  • नवीन पटनायक: 24 वर्ष 99 दिन

राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के कारण मोदी के लिए यह रिकॉर्ड अब अप्रासंगिक माना जाता है।

लोकसभा में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के नाम

भाजपा ने मोदी के नेतृत्व में 2014 में 282 और 2019 में 303 सीटें जीतीं, लेकिन एक पार्टी द्वारा सबसे अधिक लोकसभा सीटें जीतने का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के पास है।

1984 के चुनाव में राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 414 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है।

चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर

नरेंद्र मोदी फिलहाल अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। यदि वह 2029 में फिर चुनाव जीतते हैं, तो भारत के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बन जाएंगे।

यह उपलब्धि उन्हें भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया और अनोखा स्थान दिला सकती है।

कई रिकॉर्ड टूटे, कई अभी बाकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक सफर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। हालांकि, जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे प्रधानमंत्री कार्यकाल और चार बार प्रधानमंत्री बनने जैसे रिकॉर्ड अभी भी उनके सामने बड़ी चुनौती के रूप में मौजूद हैं। 2029 का लोकसभा चुनाव इस लिहाज से भारतीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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