एक ही ट्रैक पर ट्रेनें चलना ऑटोमैटिक सिग्नलिंग की सामान्य प्रक्रिया : डॉ. विलासराव
रेलवे ट्रैक पर दो मालगाड़ियां और यात्री ट्रेन आमने-सामने आने की खबर पर रेलवे का स्पष्टीकरण

बिलासपुर, 6 नवंबर 2025। मंगलवार के भीषण रेल हादसे के बाद बिलासपुर रेल मंडल में एक और घटना ने यात्रियों में हड़कंप मचा दिया, जब कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर दो मालगाड़ियां और एक यात्री ट्रेन आ गईं। यात्रियों ने जब देखा कि ट्रेन के आगे और पीछे दोनों दिशाओं में मालगाड़ियां खड़ी हैं, तो कई लोग डरकर ट्रेन से उतर गए।
हालांकि, इस मामले पर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कोई खतरे की स्थिति नहीं थी, बल्कि ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन प्रक्रिया है।
डॉ. विलासराव ने अपने बयान में कहा: “इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है। मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग-अलग ट्रैक नहीं होते हैं। दोनों एक ही ट्रैक पर चलती हैं और एक-दूसरे के पीछे नियंत्रित तरीके से संचालित की जाती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित कार्यप्रणाली है और यह रेलखंड पर वर्ष 2023 से लागू है। सीपीआरओ ने अपील की है कि ऐसे भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें और अफवाहों से बचें।
“इस प्रकार की भ्रामक खबरों को चलाने या फॉरवर्ड करने से भी परहेज करें,”
— डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, बिलासपुर मुख्यालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे)।
गौरतलब है कि बिलासपुर के पास मंगलवार को हुए ट्रेन हादसे में 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक यात्री घायल हुए थे। ऐसे में लगातार रेल घटनाओं की खबरों से यात्रियों में दहशत का माहौल है, लेकिन रेलवे ने साफ किया है कि बुधवार की घटना तकनीकी रूप से सुरक्षित और नियंत्रित सिग्नलिंग प्रक्रिया का हिस्सा थी।



