रायपुर में 9 लाख की ठगी, परिचित ने EOW अधिकारी बनकर रचा जाल

रायपुर, 23 मार्च 2026। राजधानी रायपुर में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ने पुराने परिचय का फायदा उठाकर पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड अधिकारी को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ठग लिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला राखी थाना क्षेत्र का है।
EOW अधिकारी बनकर किया फोन, शुरू हुई ठगी
पुलिस के अनुसार, पीड़ित देवलाल टेकाम, जो पीडब्ल्यूडी से रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर हैं, को 28 जनवरी को दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात कही।
परिचित ने ही रचा पूरा खेल
घबराए पीड़ित ने इस मामले की जानकारी अपने पुराने परिचित धर्मेन्द्र चौहान को दी। शुरुआत में आरोपी ने मदद का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में उसी ने अपनी गर्लफ्रेंड के नाम से लिए गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए डराना शुरू कर दिया।
आरोपी ने खुद को EOW अधिकारी बताकर फर्जी शिकायत की कॉपी भेजी और मामला खत्म करने के नाम पर 10 लाख रुपए की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने आरोपी को 9.5 लाख रुपए दे दिए।
पहले से थी पूरी जानकारी
जांच में सामने आया कि आरोपी धर्मेन्द्र चौहान, जो जगदलपुर में टेंट व्यवसाय करता है, पीड़ित की पोस्टिंग, कामकाज और निजी जानकारी से अच्छी तरह परिचित था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने ठगी की पूरी साजिश रची।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे ठगी से बचें
- खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले कॉल की पुष्टि जरूर करें
- EOW, CBI या पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती
- अनजान नंबर से आए दस्तावेजों पर भरोसा न करें
- डराने या दबाव बनाने वाले कॉल की तुरंत पुलिस में शिकायत करें
- अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत देने की अपील की है।



