गौसेवा और प्राकृतिक खेती से चमके डॉ. अखिल जैन, राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

रायपुर, 9 अप्रैल 2026। खैरागढ़ के डॉ. अखिल जैन गौसेवा, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। मनोहर गौशाला के माध्यम से उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए हजारों किसानों को इससे जोड़ा है, जिससे उनका मॉडल देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
डॉ. अखिल जैन को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए American Pace University द्वारा मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा भारत सरकार के पशुपालन मंत्रालय से ‘प्राणी मित्र अवॉर्ड’, अहिंसा के क्षेत्र में ‘यति यतनलाल सम्मान’ और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से ‘उन्नत कृषक सम्मान’ भी उन्हें प्राप्त हो चुका है।
उन्होंने गोमूत्र आधारित उर्वरक ‘फसल अमृत’ और गोबर से तैयार जैविक खाद का बड़े पैमाने पर निशुल्क वितरण किया है। अब तक लाखों लीटर उर्वरक और तीन लाख क्विंटल से अधिक ‘मनोहर ऑर्गेनिक गोल्ड’ खाद किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है।
मनोहर गौशाला में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तालाब, मिनी फॉरेस्ट और गौ-आधारित उत्पादों का विकास किया गया है। साथ ही यहां ‘चंद्रमणि गौ माता चिकित्सालय’ का निर्माण भी जारी है, जो पशु चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करेगा।
डॉ. जैन के प्रयासों से बड़ी संख्या में किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं और गौ-आधारित आत्मनिर्भर मॉडल को अपनाकर टिकाऊ कृषि की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।



