छत्तीसगढ़

ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली से लैस हुआ रायपुर-उरकुरा-मांढर रेलखंड

रायपुर, 9 अप्रैल 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रायपुर–उरकुरा–मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक लागू कर दी है। इस नई तकनीक के लागू होने से अब एक ही ट्रैक पर एक साथ कई ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है।

रेलवे के अनुसार, इस परियोजना के तहत रायपुर–उरकुरा (करीब 3 किमी, डबल लाइन) और उरकुरा–मांढर (करीब 9 किमी, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है, जो डबल लाइन के हिसाब से लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है।

इस आधुनिक प्रणाली के तहत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल और 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए गए हैं। साथ ही 80 डिजिटल एक्सल काउंटर स्थापित किए गए हैं, जिनसे ट्रेनों की रीयल-टाइम स्थिति की सटीक जानकारी मिल सकेगी।

रेलखंड में विभिन्न सेक्शनों का निर्माण कर ट्रेनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए समपार फाटक पर ऑटो हाट प्रणाली भी स्थापित की गई है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक के लागू होने से ट्रेनों को अब लंबे समय तक सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी और ट्रेनों की गति में भी सुधार आएगा। साथ ही लाइन क्षमता बढ़ने से भविष्य में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इसे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। रेलवे ने स्पष्ट किया कि सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण लगातार जारी रहेगा, ताकि बढ़ती जरूरतों के अनुरूप रेल सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

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